कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खेहरा के घर पर की गई कार्रवाई को लेकर हर तरफ चर्चा हो रही है। इसी बीच शिरोमणि अकाली दल के सीनियर लीडर बिक्रम सिंह मजीठिया ने सुखपाल सिंह खैरा से बात करके उन्हें भरोसा दिलाया कि वह इस ज़ुल्म के खिलाफ उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने पंजाब के लोगों से ‘जागी हुई अंतरात्मा’ के साथ, प्रेस और विपक्षी पार्टियों से अपील की कि वे दिल्ली से ‘रिमोट कंट्रोल’ से चल रही इस सरकार के खिलाफ एक साथ आएं।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हम आज चुप रहे तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी। इसलिए हमें एक साथ आकर इस नाइंसाफी और ज़ुल्म का जवाब देना चाहिए।बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस कार्रवाई को भगवंत मान और केजरीवाल का ‘तानाशाही रवैया’ बताया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने लॉ एंड ऑर्डर को पूरी तरह छोड़ दिया है और कानून का इस्तेमाल सिर्फ विपक्षी नेताओं को टारगेट करने के लिए किया जा रहा है। मजीठिया के मुताबिक, खेहरा के घर की दीवारें सरकार ने सिर्फ इसलिए गिराई क्योंकि उन्होंने अपनी जान और माल की सुरक्षा के लिए वहां गेट लगवाया था।
मजीठिया ने कहा कि जहां आम आदमी पार्टी के मेंबर के लिए कानून अलग है, वहीं विपक्षी नेताओं के लिए कानून अलग है। उन्होंने आगे कहा कि खेहरा मामले में न तो पंचायत को कोई नोटिस दिया गया और न ही खेहरा को जवाब देने का कोई मौका दिया गया।



