Sunday, February 22, 2026
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CBI ने चंडीगढ़ के डेंटिस्ट डा. मोहित धवन के किडनैपिंग केस में एक इंस्पेक्टर समेत 9 पुलिसवालों के खिलाफ चार्जशीट की दाखिल

चंडीगढ़ के डेंटिस्ट डॉ. मोहित धवन के किडनैपिंग केस की जांच कर रही सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने एक इंस्पेक्टर समेत 9 पुलिसवालों के खिलाफ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में चार्जशीट फाइल की है। चार्जशीट में कहा गया है कि पुलिसवालों ने पहले डॉ. धवन को किडनैप किया और जब जांच का दायरा बढ़ा, तो पकड़े जाने के डर से अपने मोबाइल फोन खो दिए या नष्ट कर दिए,

ताकि इलेक्ट्रॉनिक सबूत न मिल सकें। CBI के मुताबिक, कुछ पुलिसवालों ने दावा किया कि मोबाइल टहलते समय गिर गया या साइकिल चलाते समय खो गया। जांच एजेंसी को सिर्फ कांस्टेबल रिंकू राम का मोबाइल फोन मिला, जिससे एक WhatsApp ग्रुप की जानकारी मिली। आरोप है कि इसी ग्रुप में किडनैपिंग की साजिश रची जा रही थी।

जांच में पता चला कि 7 जनवरी, 2022 को सुबह 10:24 बजे से 10:27 बजे तक डॉ. धवन के मोबाइल का टावर लोकेशन डिस्ट्रिक्ट कोर्ट का था। वह पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश पर कोर्ट पहुंचे थे। उस दौरान पुलिसवालों के बीच लगातार फोन पर बातचीत होती रही। कांस्टेबल प्रदीप ने सुबह 10:15 से 11 बजे के बीच 11 दूसरे पुलिसवालों को कॉल किया। इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों ने भी SI सुरेश कुमार से कई बार बात की।

कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन के आधार पर, CBI इस नतीजे पर पहुंची कि किडनैपिंग की प्लानिंग कोर्ट कॉम्प्लेक्स के बाहर से की गई थी।आरोपी पुलिसवालेचार्जशीट में इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों, SI सुरेश कुमार, ASI अजमेर सिंह, ASI बलवंत, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार, हेड कांस्टेबल रिंकू राम, कांस्टेबल विकास हुड्डा, कांस्टेबल सुभाष और कांस्टेबल प्रदीप के नाम शामिल हैं।

डा. धवन ने पुलिसवालों के खिलाफ हाई कोर्ट में पिटीशन फाइल की थी। शुरू में, केस की इन्वेस्टिगेशन पंजाब पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सौंपी गई थी, लेकिन बाद में, सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद, इन्वेस्टिगेशन CBI को सौंप दी गई। CBI ने 30 जनवरी 2025 को इंस्पेक्टर सेखों समेत सभी आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। चार्जशीट में दावा किया गया है कि डॉ. धवन को किडनैप करके कई घंटों तक गैर-कानूनी हिरासत में रखा गया था, ताकि उन्हें कोर्ट में पेश होने से रोका जा सके और उनकी बेल कैंसिल कराई जा सके।

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