पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नीदरलैंड्स और चेक गणराज्य के प्रस्तावित दौरे को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच खींचतान तेज हो गई है। केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने मुख्यमंत्री के 25 सदस्यीय वफद को राजनीतिक मंजूरी तो दे दी है, लेकिन यह मंजूरी तब आई है जब दौरा रद्द हो चुका था।मुख्यमंत्री और उनके प्रतिनिधियों के साथ शनिवार आधी रात को विदेश के लिए रवाना होना था।
रवानगी के समय तक केंद्र सरकार की ओर से ‘पॉलिटिकल क्लियरेंस’ (राजनीतिक मंजूरी) न मिलने के कारण पंजाब सरकार को यह दौरा मजबूरन रद्द करना पड़ा।दिलचस्प बात यह है कि जब दौरा रद्द हो गया और विदेशों में तय की गईं सभी मीटिंगें रद्द कर दी गई, उससे कुछ दिनों बाद विदेश मंत्रालय ने हरी झंडी दे दी।
पंजाब सरकार के सूत्रों के अनुसार, इस देरी के कारण राज्य को बड़ा नुकसान हुआ है। निवेशकों के साथ होने वाली महत्वपूर्ण बैठकों को पहले ही रद्द कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब मंजूरी मिलने का कोई मतलब नहीं रह गया है और कोई भी सरकारी प्रतिनिधि इस समय विदेश नहीं जाएगा।



