पंजाब राज्य अनुसूचित जातियां आयोग द्वारा भेजे गए नोटिस को विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के चंडीगढ़ स्थित सेक्टर 8 और सेक्टर 39 के निवास स्थानों के घरेलू कर्मचारियों ने लेने से इनकार कर दिया गया। पंजाब राज्य अनुसूचित जातियां आयोग के अध्यक्ष श्री जसवीर सिंह गढ़ी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. के खिलाफ की गई जातिसूचक टिप्पणी के संबंध में एस.सी. कमीशन द्वारा लिए गए स्वतरू संज्ञान नोटिस की तामील करवाने के लिए कमीशन का कर्मचारी दो बार विपक्ष के नेता के घर जा चुका है।श्री गढ़ी ने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा को पहले तरनतारन चुनाव के दौरान नोटिस जारी किया गया था और
अब फिर 90 दिनों के भीतर एक अन्य मामले में नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा द्वारा अपने इस बयान के माध्यम से जहां उन्होंने अपनी जागीरू सोच का प्रदर्शन किया है, वहीं कांग्रेस पार्टी के दलित विरोधी डी.एन.ए. का चेहरा भी स्पष्ट किया है। श्री गढ़ी ने कहा कि हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने अपने जीवन में कठिनाइयों के बावजूद एम.ए., बी.एड. करने के बाद बच्चों को शिक्षा देने का कार्य किया
फिर पंजाब की बहुत ही सम्मानजनक पी.सी.एस. परीक्षा पास करके ई.टी.ओ. बनकर सेवाएं निभाईं। जिस पर दलित वर्ग और समूचे पंजाब को बहुत गर्व है।उन्होंने अंत में कहा कि यदि प्रताप सिंह बाजवा में भारतीय संविधान में आस्था है तो वह एस.सी. कमीशन द्वारा दिए गए इस नोटिस के संबंध में 11 फरवरी 2026 को दोपहर 3 बजे अपना स्पष्टीकरण एस.सी. कमीशन के दफ्तर में आकर दे दें।



