भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद अब व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट का बयान आया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सीधी बातचीत के बाद भारत रूसी तेल की खरीद बंद करने जा रहा है।
पत्रकारों से बात करते हुए लेविट ने कहा कि नई दिल्ली ने रूस से तेल आयात बंद करने और अमेरिका से तेल की खरीद बढ़ाने के लिए कमिटमेंट किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत वेनेजुएला से तेल खरीद सकता है, जो उनके अनुसार अमेरिकी श्रमिकों और उद्योगों के लिए फायदेमंद होगा। वर्तमान में वेनेजुएला के तेल व्यापार को वाशिंगटन ही संभाल रहा है।
मीडिया को संबोधित करते हुए लेविट ने कहा कि यह समझौता राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई सीधी फोन कॉल के बाद हुआ। लीविट ने इस समझौते को अमेरिकी आर्थिक हितों को मजबूत करने और भारत की रूसी ऊर्जा आपूर्ति पर निर्भरता को कम करने का व्यापक प्रयास बताया। ऊर्जा समझौतों के साथ-साथ लेविट ने कहा कि भारत ने अमेरिका में बड़े पैमाने पर निवेश करने की भी प्रतिबद्धता जताई है।
उन्होंने दावा किया कि नई दिल्ली परिवहन, ऊर्जा और कृषि जैसे क्षेत्रों में लगभग 500 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करने की योजना बना रहा है। उन्होंने इसे वार्ता का एक प्रमुख परिणाम बताते हुए अमेरिकी बुनियादी ढांचे और मैन्युफैक्चरिंग को महत्वपूर्ण बढ़ावा देने वाला बताया।



