पंजाब विधान सभा के विशेष इजलास के दौरान केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में किए गए बदलावों का विरोध किया गया और इस बदलाव के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया। यह प्रस्ताव मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद द्वारा सदन में पेश किया गया था, जिसे सदन में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्रीय सरकार ने सिर्फ मनरेगा ही नहीं, बल्कि दलित मजदूर के मुंह से रोटी भी छीन ली है। इस नीति ने देश के दलित मजदूरों के जीने के अधिकार को भी तबाह कर दिया है। मंत्री सौंद ने कहा कि मनरेगा गरीब परिवारों की एक समय की रोटी के लिए आखिरी सहारा था।
मुख्यमंत्री मान ने भी सदन में बोलते हुए केंद्र सरकार को सख्त लहजे में कहा कि अगर ऐसे ही चला तो लोग भाजपा के साथ-साथ अकाली नेताओं को भी गांवों में नहीं घुसने देंगे।


