सोने और चांदी की कीमतें हर दिन नए रिकॉर्ड तोड़ रही है। इस समय दुनिया के बाज़ार में उथल-पुथल मची हुई है। आपको बता दें कि निवेशकों की सुरक्षित निवेश की तलाश ने कीमती धातुओं को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। इसके साथ ही, चांदी की कीमतें नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई है और पहली बार ₹2.35 लाख प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई है।
अगर आप सोने और चांदी में निवेश करने या खरीदने का सोच रहे हैं, तो बता दें कि घरेलू बाज़ार में सिर्फ़ चार ट्रेडिंग सेशन में चांदी की कीमतों में ₹32,000 प्रति किलोग्राम से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, सोने में भी धीमी गति से बढ़त का सिलसिला जारी है। सोने की कीमत ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम से ज़्यादा पहुंच गई है।जानकारी के लिए बता दें कि दोनों धातुओं ने इंटरनेशनल मार्किट में भी इतिहास रच दिया है।
चांदी पहली बार ₹75 प्रति औंस के पार पहुंच गई, जबकि सोना $4,550 प्रति औंस के ऊपर ट्रेड कर रहा था। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ग्लोबल जियोपॉलिटिकल फैक्टर्स इस बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह हैं। वेनेजुएला में ऑयल टैंकर्स पर US की नाकाबंदी और नाइजीरिया में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन ने इन्वेस्टर्स को सेफ इन्वेस्टमेंट की तरफ बढ़ाया है।
इसका सीधा फायदा गोल्ड और सिल्वर को मिल रहा है। इस साल अब तक सिल्वर में गोल्ड के मुकाबले काफी ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। डोमेस्टिक मार्किट में सिल्वर की कीमतों में करीब 160% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि गोल्ड में करीब 80% की बढ़ोतरी हुई है। सिल्वर की डिमांड सिर्फ इन्वेस्टमेंट तक ही सीमित नहीं है।
सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल और सोलर एनर्जी जैसे तेजी से बढ़ते एरिया में सिल्वर का इस्तेमाल बढ़ रहा है, जबकि सप्लाई उस हिसाब से नहीं हो रही है। इसलिए, फ्यूचर में कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद सिल्वर के मजबूत बने रहने की उम्मीद है। शादियों के सीजन के बीच में अचानक आई इस बढ़ोतरी ने लोगों में हलचल मचा दी है।


