पीएम नरेन्द्र मोदी राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज की स्थापना की। ये मंदिर के निर्माण के पूरा होने और राष्ट्रीय एकता के एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के एक बयान में कहा गया है कि समकोण त्रिभुजाकार ध्वज की ऊंचाई 10 फुट और लंबाई 20 फुट है।
इस पर एक दीप्तिमान सूर्य की तस्वीर है जो भगवान राम के तेज और वीरता का प्रतीक है। इस पर ‘ॐ’ अंकित है और कोविदार वृक्ष की तस्वीर भी है। पीएमओ ने कहा कि पवित्र भगवा ध्वज गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देगा और राम राज्य के आदर्शों का प्रतीक होगा।
पीएमओ के मुताबिक यह ध्वज पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर वास्तुशैली में निर्मित ‘शिखर’ के शीर्ष पर फहराया जाएगा, जबकि इसके चारों ओर 800 मीटर लंबा परकोटा दक्षिण भारतीय वास्तुशैली में डिजाइन किया गया है, जो मंदिर की वास्तुशिल्प विविधता को दर्शाता है।इस मौके पर प्रधानमंत्री लोगों को संबोधित किया। पीएमओ के बयान में कहा गया है, ”यह कार्यक्रम मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की शुभ पंचमी तिथि को होगा, जब श्री राम और मां सीता की विवाह पंचमी का अभिजीत मुहूर्त भी है।
पीएमओ के बयान के अनुसार, यह तिथि नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर जी, के शहादत दिवस के साथ भी मेल खाती है, जिन्होंने 17वीं सदी में अयोध्या में लगातार 48 घंटे ध्यान लगाया था। इससे इस दिन का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को धार्मिक ध्वजा फहरा कर हिंदू अनुष्ठान संपन्न किया।शास्त्रीय परंपरा में ध्वज आरोहण को अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना गया है।


