दिवाली से पहले दिल्ली की हवा बेहद खराब हो गई है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए ग्रैप 2 लागू कर दिया गया है।इसके तहत कई पाबंदियां लगाई गई है। CAQM के मुताबिक रविवार को दिल्ली में औसतन प्रदूषण स्तर 296 दर्ज किया गया जिसके बाद बैठक के तय किया गया की दिल्ली एनसीआर में ग्रैप -2 के तहत पाबंदी लगाई जाएंगी।
दिल्ली- एनसीआर में धूल नियंत्रण करने के लिये एजेंसियां साफ सफाई करेंगी और जाम वाली जगहों पर या फिर जहां धूल ज़्यादा होती है वहां स्मॉग गन लगाएंगी जिससे धूल पर काबू किया जा सके। डीजल के घरेलू जेनरेटर्स का प्रयोग पर प्रतिबंधित रहेगा साथ ही फैक्ट्री तभी उपयोग कर सकेंगी जब बिजली ना आ रही हो।
हालांकि इसमें फैक्ट्रियों की थोड़ी राहत दी गई है और बिजली ना आने की दशा में फैक्ट्री यूनिट डीजल जनरेटर का प्रयोग कर सकेंगी. सड़क पर जाम ना लगे इसके लिए टीम लगायी जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी जाम को ना लगने देना होगा, पार्किंग फीस सरकारें बढ़ा सकती है जिससे लोग अपनी गाड़ियों की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग करें।दिल्ली में एनसीआर में चल रहे निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्य में धूल नियंत्रण पैमाने का पालन सभी बिल्डरों और ठेकेदारों को करना होगा
और इसके लिए हर दिन सरकारी अफसरों की टीम दौरा भी करेगी और पालन ना होने पर जुर्माना भी लगाएगी। साथ ही रेस्टोरेंट तंदूर में कोयले या लकड़ी को नहीं जला सकेंगे और उन्हें बिजली या फिर एलपीजी जैसी गैस का ही प्रयोग खाना पकाने के लिए करना होगा।इसके अलावा ग्रैप-2 के तहत दिल्ली एनसीआर के सभी रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को अपने चौकीदारों के लिए हीटर का इंतज़ाम सर्दी में करना होगा जिससे गार्ड सर्दी में लकड़ी ना जलाएं।


