नवरात्रि के अवसर पर इस बार जम्मू कटरा स्थित माता वैष्णो देवी दरबार का गौरी स्वरुप में भव्य पुष्प शृंगार किया गया है। इससे दरबार की शोभा बढ़ गई है। पूरा भवन रंग-बिरंगे फूलों से इस तरह सजाया गया।दरसअल, वैष्णो देवी को गौरी स्वरूप के रुप में भी जाना जाता है।
गौरी स्वरूप माता पार्वती का एक रुप है। माना जाता है कि उन्होंने भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए घोर तपस्या की थी, इसलिए उन्हें महागौरी भी कहा जाता है।भैरव घाटी, प्रवेश द्वार दर्शनी ड्योढ़ी आदि की भव्य सजावट में 400 से 500 कारीगर लगाए गए।
माता के भवन को सजाने के लिए भारत समेत श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मारीशस, भूटान, ऑस्ट्रिया,-इंग्लैंड, कनाडा, इटली आदि देशों से गेंदा, गुलाब, चंपा, चमेली के फूल और फल लाए गए हैं। पवित्र नवरात्र में एक ओर जहां 40 से 45 ट्रक फूल लगाए जाते हैं तो वहीं पांच से सात ट्रक देसी-विदेशी फल भी इस्तेमाल होते हैं। लाइटिंग का काम करने में 300 कारीगर दिन-रात लगाए गए।
भवन परिसर के अलावा अर्धकुंवारी मंदिर और भैरव घाटी में भी श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। गर्भ जून गुफा के दर्शन के साथ-साथ भक्त भैरव बाबा के चरणों में भी शीश नवाकर अपनी यात्रा पूर्ण कर रहे हैं।माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) ने तीर्थ यात्रियों का मार्गदर्शन करने, भीड़ का प्रबंधन करने और करीब 12 किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग पर सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए स्वयंसेवकों को तैनात किया है। पेयजल, चिकित्सा सहायता सहित अतिरिक्त सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
श्राइन बोर्ड के सीईओ सचिन कुमार वैश्य ने बताया कि त्योहार के दौरान पुलिस, सीआरपीएफ, अर्धसैनिक बलों और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों का बहु-स्तरीय सुरक्षा तंत्र सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने बताया कि तीर्थ यात्रियों को वैध पहचान पत्र साथ रखने, निर्धारित मार्गों का पालन करने और जमीनी कर्मचारियों के साथ सहयोग करने की सलाह दी गई है।





