NRI SANJH JALANDHAR (2 MAY)
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) पहलगाम आतंकी हमले की जांच कर रही है। NIA को अब तक की जांच में कई अहम सबूत मिले हैं। जांच में पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, खुफिया एजेंसी ISI और PAK सेना की मिलीभगत का खुलासा हुआ है। तीनों की मदद से आतंकियों ने 26 लोगों की हत्या की। आतंकियों ने बेताब घाटी में हथियार छिपाए थे। ISI के इशारे पर PAK के लश्कर हेडक्वार्टर में आतंकी हमले की साजिश रची गई थी।
OGW ने की थी आतंकियों की मदद
जांच में पता चला है कि आतंकवादी पाक-अधिकृत कश्मीर (POK) में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे। पाकिस्तान से आतंकियों को दिशा-निर्देश और फंडिंग भी मिल रही थी। जांच में पता चला है कि Over Ground Workers (OGW) ने आतंकियों को मदद पहुंचाई है। (OGW) ये स्थानीय लोग होते हैं। जो आतंकवादियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट, जानकारी, मार्गदर्शन और छिपने की जगह देते हैं।
गृह मंत्रालय को जल्द भेजी जाएगी रिपोर्ट
NIA ने ओवर ग्राउंड वर्कर्स के कांटेक्ट की लिस्ट तैयार कर ली है। OGW पर प्रशासनिक और अदालती कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। NIA ने मौके से मिले खाली कारतूस FSL को भेजे हैं। जिसकी रिपोर्ट जल्द आने वाली है। NIA चीफ सदानंद दाते की अगुवाई में तैयार की गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जल्द ही गृह मंत्रालय को सौंप दी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कार्रवाई की जाएगी।
NIA ने लिए 150 से ज्यादा लोगों के बयान
बता दें कि जम्मू-कश्मीर में पहलगाम के बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने 26 पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। NIA हमले की जांच कर रही है। NIA ने 150 से अधिक लोगों के बयान रिकॉर्ड किए हैं। बैसरन घाटी में हमले की 3D मैपिंग और घटनाक्रम का रिक्रिएशन किया गया। तब कहीं जाकर NIA को पता चला कि हथियार बेताब घाटी में छुपाए गए थे।


