NRI SANJH JALANDHAR (18 APRIL)
अमेरिका और चीन इस समय ट्रेड वॉर में उलझ चुके है। अमेरिका पूरी तरह से चीन के दबदबे को खत्म करना चाहता है तो वहीं चीन भी उसे आंखे दिखा रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump ) द्वारा चीन से आने वाले सामानों पर 245% टैरिफ (245 percent tariff) लगाने के ऐलान के बाद चीन की अकड़ अब ढिली पड़ गई है।
245 फीसदी टैरिफ लगने के बाद चीन अमेरिका के साथ मीटिंग के लिए तैयार हो गया है। ये दावा खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपने की है। ट्रंप ने सोशळ मीडिया पर ट्वीट करते हुए कहा कि हर कोई मुझसे मिलना चाहता है, चीन भी। हम चीन के साथ बहुत अच्छा डील करने जा रहे हैं। ट्रंप ने दावा किया कि चीन अमेरिका के साथ मीटिंग करने को तैयार है।
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका को चिंतित होना चाहिए क्योंकि उनके सहयोगी अब चीन के करीब आ रहे हैं? इस पर ट्रंप ने कहा, “हर कोई मुझसे मिलना चाहता है, चीन भी। वे सभी व्यापार समझौते के लिए बातचीत करना चाहते हैं।
ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम से फोन पर बात की, जो काफी सकारात्मक रही। इसके अलावा, उन्होंने जापान के बड़े व्यापार अधिकारियों से भी मुलाकात की। ये बैठकें व्यापार और टैरिफ से संबंधित मुद्दों पर केंद्रित थीं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “मेक्सिको की राष्ट्रपति से बातचीत बहुत फायदेमंद रही। जापान के व्यापार प्रतिनिधियों से भी अच्छी बैठक हुई। हर देश, यहां तक कि चीन भी मुझसे मिलना चाहता है।
ट्रंप ने चीन पर लगाया 245% का नया ट्रैरिफ
ट्रंप सरकार ने चीन से आने वाले सामानों पर 245% तक का नया टैरिफ (आयात कर) लगाने का ऐलान किया है। इससे अमेरिका और चीन के बीच तनाव और बढ़ गया है। व्हाइट हाउस ने एक फैक्ट शीट जारी कर इस फैसले की जानकारी दी। फैक्ट शीट के अनुसार, 75 से ज्यादा देश अमेरिका के साथ नए व्यापार समझौतों के लिए बातचीत कर रहे हैं। इन देशों पर अभी ज्यादा टैरिफ नहीं लगाया गया है, लेकिन चीन ने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कदम उठाए हैं इसलिए उस पर 245% तक का टैरिफ लागू रहेगा। हालांकि, व्हाइट हाउस ने यह नहीं बताया कि यह टैरिफ किन सामानों पर और कब से लागू होगा। चीन ने भी अमेरिका के इस कदम का विरोध किया है।


