NRI SANJH JALANDHAR (18 JANUARY)
नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से नोटिफिकेशन जारी की गई है कि जिन वाहन चालकों ने अपनी गाड़ी पर लगाए फास्ट टैग की केवाईसी नहीं करवाई है वह 31 जनवरी के बाद डीएक्टिवेट हो जाएंगे, यानी टोल प्लाजा से गुजरने के दौरान फास्ट ट्रैक से पैसे नहीं कटेंगे और ब्लैक लिस्ट शो करेगा जिस कारण वाहन चालकों को दोगुना टोल अदा करना होगा।

टोल संग्रह को डिजिटल बनाने के लिए ये कदम उठाने के बाद, केंद्र सरकार ने 15 फरवरी, 2021 से FASTags को अनिवार्य कर दिया था और कहा कि जिस भी वाहन में ये नहीं लगा होगा, उससे देश भर के इलेक्ट्रॉनिक टोल प्लाजा पर दोगुना टोल वसूला जाएगा।
NHAI ने घोषणा की है कि वो उन फास्टैग को डीएक्टिवेट कर देगा, जिनका ‘नो योर कस्टमर’ यानी केवाईसी (KYC) नहीं किया गया है। NHAI ने एक बयान में कहा, “इसके लिए समय सीमा 31 जनवरी है। ये ‘एक वाहन, एक फास्टैग’ पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कई वाहनों के लिए एकल फास्टैग के उपयोग को कम करना या एक ही वाहन में कई इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन टूल को जोड़ना है.”
बयान में कहा गया है कि असुविधा से बचने के लिए उपयोगकर्ताओं को ये सुनिश्चित करना होगा कि उनका नया फास्टैग का केवाईसी पूरा हो गया है. कहा गया है कि केवल नया FASTag अकाउंट एक्टिव रहेगा, क्योंकि पिछले टैग 31 जनवरी 2024 के बाद डीएक्टिवेट/ब्लैकलिस्ट कर दिए जाएंगे।
कार्रवाई क्यों की NHAI ने?
NHAI ने कहा कि उसने ये पहल तब की, जब उसे पता चला कि एक विशेष वाहन के लिए एक से अधिक फास्टैग जारी किए गए हैं और आरबीआई के आदेश का उल्लंघन करते हुए केवाईसी के बिना फास्टैग जारी किए जा रहे हैं।


