Tuesday, April 21, 2026

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नए SITके सामने पेश होगें बिक्रम मजीठिया, 3 बार पहले पेश हो चुके हैं

NRI SANJH JALANDHAR (16 JANUARY)


अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम मजीठिया मंगलवार को पटियाला में नए SIT के सामने पेशी है। बिक्रम मजीठिया को ड्रग केस में नया नोटिस जारी किया है। इससे पहले पुरानी SIT के सामने वे 3 बार पेश हो चुके हैं। पहली SIT की जिम्मेदारी एडीजीपी एमएस छीना के पास थी। जो रिटायर हो चुके हैं और डीआईजी एचएस भुल्लर के पास आ गई है। एडीजीपी मुखविंदर सिंह छीन्ना के रिटायर होने के बाद सरकार ने एसआईटी का पुनर्गठन किया था। इससे पहले मजीठिया को 27 दिसंबर को बुलाया गया था, लेकिन कागजात जमा न होने के कारण जमा नहीं हो पाए थे। जिसके बाद पुरानी SIT ने उनके बयान दर्ज करने के लिए 30 दिसंबर को दोबारा बुला लिया था और उनसे तकरीबन साढ़े 4 घंटे पूछताछ हुई थी।


ये है मामला
साल 2013 में पंजाब पुलिस के पहलवान जगदीश सिंह भोला को 6 हजार करोड़ की ड्रग तस्करी केस में गिरफ्तार किया था। उस समय राज्य में शिअद की सरकार थी। तब एक पेशी के दौरान मोहाली अदालत के बाहर जगदीश भोला ने बिक्रम मजीठिया का नाम लेकर आरोप लगाए थे। जब कैप्टन अमरिंदर सिंह की 2017 में कांग्रेस की सरकार बनी तो एडीजीपी हरप्रीत सिंह सिद्धू की अगुवाई में एसटीएफ बनाई गई। 2018 में मामले में सरकार को एक रिपोर्ट दी। इसमें मजीठिया के नाम में शामिल होने दावा किया गया था।

विधान सभा चुनावों से पहले दर्ज हुआ था केस
2022 में विधानसभा चुनाव से ठीक तीन महीने पहले जब कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाकर चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया, तब मजीठिया पर 2018 की रिपोर्ट को आधार बनाकर स्टेट क्राइम ब्रांच में एनडीपीए एक्ट की धारा 25, 27ए और 29 के तहत केस दर्ज किया। 49 पेज की एफआईआर में उन पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। उन्होंने केस दर्ज होने के बाद अमृतसर से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अभी वह 10 अगस्त, 2022 से जमानत पर चल रहे हैं।

चुनाव के बाद किया था सरेंडर
बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ चरणजीत सिंह चन्नी के कार्यकाल में 20 दिसंबर 2021 में एनडीपीएस एक्ट में मोहाली में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव लड़ने तक मजीठिया की गिरफ्तारी पर रोक लगा उन्हें बड़ी राहत दी थी। मतदान के बाद 24 फरवरी को मजीठिया ने मोहाली की अदालत में सरेंडर किया था।

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