NRI SANJH JALANDHAR (2 AUGUST)
हिमाचल प्रदेश में लगातार दूसरे साल मानसून की बारिश ने भारी तबाही मचाई है। 4 जगहों पर बादल फटने से 49 लोग लापता हैं और 4 की मौत हो गई है। इसके बाद पहाड़ों पर चारों तरफ चीख-पुकार मची हुई है। हर कोई अपनों के जिंदा होने की दुआ कर रहा है।
भारी बारिश से शिमला जिले के रामपुर, रोहड़ू और चौपाल के कई क्षेत्रों में बगीचे ढह गए हैं। रामपुर में फलदार पौधों के जड़ों से उखड़ने के कारण बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। कुल्लू जिला के आनी में सेब की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। रोहड़ू के चिड़गांव में सेब के फलदार पौधों की टहनियां टूट गईं हैं। सेब की तैयार फसल बगीचों में बिछ गई है। मंडी और चंबा जिले में भी सेब की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है।

भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं के बीच राज्य सरकार ने एमर्जेंसी आपरेशन सेंटर (ईओसी) स्थापित किए हैं। प्रदेश भर में राज्य मुख्यालय समेत 13 सेंटर बनाए गए हैं। इन सेंटरों को आपात नंबरों के साथ जोड़ा गया है और इन नंबरों के माध्यम से चौबीस घंटे सातों दिन किसी भी समय मदद मांगी जा सकती है। सभी जिलों के लिए उपायुक्त कार्यालय में ही नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं।




