वित्त मंत्री ने कहा कि विधानसभा के सदस्यों ने सुखपाल सिंह खैहरा द्वारा कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए आपत्तिजनक शब्दों, जिनमें “चप्पल चाट” और “बंधुआ मजदूर” जैसे शब्द शामिल थे, का गंभीर संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी शब्दावली पंजाब के मेहनतकश मजदूरों, विशेषकर अनुसूचित जातियों से संबंधित लोगों के आत्मसम्मान और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली है।
एडवोकेट चीमा ने कहा कि पंजाब के मजदूर वर्ग ने राज्य की प्रगति और खुशहाली में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस वर्ग की मेहनत, ईमानदारी और समाज के प्रति योगदान का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक और विशेषकर निर्वाचित प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या वर्ग को उसकी जाति,
सामाजिक स्थिति अथवा आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर नीचा दिखाना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां प्रत्येक सदस्य से जिम्मेदार व्यवहार करने और सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की शब्दावली और व्यवहार का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। इसलिए उन्हें ऐसी टिप्पणियों से बचना चाहिए, जो किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाती हों।उन्होंने कहा कि अनुसूचित जातियों के विरुद्ध भेदभाव समाप्त करने और सामाजिक समानता सुनिश्चित करने के लिए लंबे समय से प्रयास किए जाते रहे हैं।
ऐसे माहौल में समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को नीचा दिखाने वाली शब्दावली का इस्तेमाल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सभी विधायकों से अपील की कि वे जाति आधारित भेदभाव और अपमानजनक टिप्पणियों के विरुद्ध एकजुट होकर आवाज उठाएं।महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के बारे में बात करते हुए वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान का धन्यवाद किया।
उन्होंने पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह वित्तीय सहायता देने संबंधी सरकार के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कदम आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।एडवोकेट चीमा ने सदन में अपील की कि मजदूरों, दलित समुदाय और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के
विरुद्ध अपमानजनक शब्दावली का इस्तेमाल करने वालों को स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए कि ऐसा व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के विरुद्ध भी निंदा प्रस्ताव लाने का सुझाव दिया।सदन की कार्यवाही के दौरान सुखपाल सिंह खैहरा को मौजूदा सत्र के शेष समय के लिए
निलंबित करने संबंधी प्रस्ताव मतदान के लिए रखा गया, जिसे स्पीकर ने सर्वसम्मति से पारित घोषित किया।वित्त मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपने शब्दों और व्यवहार के माध्यम से समाज में आपसी सम्मान, समानता और भाईचारे को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि सदन की मर्यादा और समाज के प्रत्येक वर्ग के आत्मसम्मान की रक्षा करना सभी की साझा जिम्मेदारी है।


