पंजाब में गर्मी और उमस का दौर जारी है और इससे कोई राहत मिलने की उम्मीद भी नहीं है। मॉनसून की धीमी चाल के कारण मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा है। हालांकि, मौसम विभाग ने पंजाब के कई जिलों में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है।
चंडीगढ़ मौसम केंद्र के अनुसार, पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। चंडीगढ़ में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है और इस दौरान बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।चंडीगढ़ में तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की कमी आई, लेकिन यह अभी भी सामान्य से 1.9 डिग्री ऊपर बना हुआ है। पंजाब में फरीदकोट सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले तीन दिनों से बारिश न होने के कारण पंजाब के ज्यादातर हिस्सों में उमस बढ़ गई है।
पटियाला में केवल 1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि कई अन्य जिले सूखे रहे। ज्यादातर इलाकों में तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश में हुई बारिश का असर चंडीगढ़ की सुखना झील पर भी देखा गया। झील का जलस्तर 1162.95 फीट तक पहुंचने के बाद पहली बार एक रेडियल गेट खोलना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, 3 सितंबर तक पंजाब के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री के बीच रह सकता है। उत्तर और मध्य पंजाब में तापमान 36 से 38 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है, जबकि दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम पंजाब में यह 38 से 40 डिग्री तक पहुंच सकता है। इस सप्ताह पंजाब में मॉनसून की गतिविधि कमजोर रहने की संभावना है।
कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन सप्ताह के शुरुआती हिस्से में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है।मॉनसून ट्रफ अमृतसर के पास से गुजर रहा है, जिसके कारण राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है। उत्तर पाकिस्तान और जम्मू डिवीजन पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का पंजाब और चंडीगढ़ पर सीमित असर पड़ने की संभावना है।
इस दौरान लगातार गर्मी और उमस के कारण पंजाब में बिजली की मांग भी बढ़ गई है। सोमवार सुबह राज्य में बिजली की मांग 15,027 मेगावाट तक पहुंच गई। दोपहर में इसके और बढ़ने की संभावना है। फिलहाल पंजाब में कुल 4,346 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जबकि 10,683 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जा रही है।


