पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पार्टी के अंदर गुटबाजी और विभिन्न नेताओं की हो रही मीटिंगों पर कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से एकजुट है और विभिन्न नेताओं के बीच हो रही मीटिंगों को किसी भी तरह की बगावत या गुटबाजी से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। उनका कहना था कि हर मीटिंग का एकमात्र मकसद पार्टी को और मजबूत करना तथा आने वाली चुनावों के लिए रणनीति तैयार करना है।
राजा वड़िंग ने मीडिया में स्रोतों के हवाले से चल रही खबरों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आजकल बिना किसी ठोस सबूत के कई तरह की अटकलें लगाई जा रही है, जिससे पार्टी के कार्यकर्ताओं और लोगों में भ्रम पैदा होता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी खबर स्रोतों के आधार पर चलाई जाती है तो उसकी प्रमाणिकता भी साबित होनी चाहिए।
सिर्फ अफवाहों या अनुमानों के आधार पर खबरें चलाना ठीक नहीं है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी सीनियर नेता एक ही परिवार का हिस्सा हैं। चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा गुरजीत सिंह, त्रिप्त राजिंदर सिंह बाजवा, प्रगट सिंह और अन्य नेता पार्टी के महत्वपूर्ण चेहरे हैं और एक-दूसरे से लगातार संपर्क में रहते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी नेता से मीटिंग करना या विचार-विमर्श करना कोई गलत बात नहीं है, बल्कि यह पार्टी को मजबूत करने की प्रक्रिया का हिस्सा है।राजा वड़िंग ने मोरिंडा में हुई मीटिंग को लेकर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने इस मीटिंग को किसी खास गुट की मीटिंग के रूप में पेश करने की कोशिश की,
जबकि असल में इसका मकसद सिर्फ कांग्रेस को और मजबूत बनाना था। उन्होंने कहा कि आज हुई मीटिंग भी उसी कड़ी का हिस्सा है और आने वाले दिनों में भी ऐसी मीटिंगें जारी रहेंगी। इसे किसी भी तरह की आंतरिक लड़ाई या विरोध से जोड़ना गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार किसी एक मीटिंग में हर नेता की मौजूदगी संभव नहीं होती।
इसका यह मतलब नहीं कि पार्टी में मतभेद हैं। विभिन्न नेता अपने व्यस्त कार्यक्रमों और प्रोग्रामों के कारण हर मीटिंग में शामिल नहीं हो सकते, लेकिन इससे पार्टी की एकता पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी नेता आपस में संपर्क में हैं और पार्टी के हित के लिए एक साथ काम कर रहे हैं।
राजा वड़िंग ने कहा कि पार्टी के आंतरिक मामलों को जनता की बहस का विषय बनाने की जरूरत नहीं है। हर राजनीतिक पार्टी में विचार-विमर्श और मीटिंगें होती रहती हैं और कांग्रेस में भी यह प्रक्रिया लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर किसी भी मुद्दे पर आपसी बातचीत के माध्यम से फैसले लिए जाते हैं और यह संगठन को मजबूत करने के लिए जरूरी भी है।


