पंजाब में महिला शिक्षकों के लिए प्रशासन ने शिक्षकों बड़ा फैसला लिया है। जिसके चलते अब उन्हें किसी भी तरह की मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा। दरअसल, जनगणना ड्यूटी को लेकर शिक्षकों को पेश आ रही बढ़ती समस्याओं के बीच, ‘ज्वाइंट टीचर्स एसोसिएशन’ (JTA) और प्रशासन के बीच हुई बैठक से कुछ राहत मिली है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने महिला शिक्षकों की सुरक्षा और ‘दोहरी ड्यूटी’ के मुद्दे पर ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया है, जिससे आने वाले दिनों में शिक्षकों को काफी राहत मिल सकती है। एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को चंडीगढ़ के DC निशांत यादव से मुलाकात की और जनगणना ड्यूटी के दौरान शिक्षकों को पेश आ रही समस्याओं को उनके सामने रखा।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि इस दौरान महिला शिक्षकों की सुरक्षा, फील्ड में आने वाली दिक्कतें और स्कूल की ड्यूटी का दोहरा बोझ जैसे मुद्दे खास तौर पर उठाए गए। प्रशासन ने इन चिंताओं को गंभीरता से लिया है और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) अमनदीप भट्टी के साथ हुई बैठक में, महिला शिक्षकों की सुरक्षा और उनके काम करने के माहौल पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रशासन ने एसोसिएशन को आश्वासन दिया है कि इन मुद्दों पर जल्द ही कोई सकारात्मक फैसला लिया जाएगा।महिला शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, फील्ड ड्यूटी के दौरान उनके साथ ‘बीट पुलिस’ के जवान भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा, वार्ड पार्षदों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे हर शिक्षक के साथ एक स्थानीय सहायक (लोकल असिस्टेंट) उपलब्ध करवाएं,
ताकि फील्ड में किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके। एसोसिएशन ने कहा कि जनगणना के काम को स्कूल की ड्यूटी के साथ जोड़ना व्यावहारिक नहीं है। DC ने आश्वासन दिया कि इस मामले को तत्काल शिक्षा सचिव और जनगणना विभाग के सामने उठाया जाएगा।


