आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपनी ही पार्टी को फिर से जवाब दिया है। उन्होंने अपने खिलाफ चलाए जा रहे ‘स्क्रिप्टेड कैंपेन’ पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। एक वीडियो संदेश जारी करते हुए चड्ढा ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप कोई इत्तेफाक नहीं हैं, बल्कि यह एक सोची-समझी साजिश और ‘सुनियोजित हमला’ है।
उन्होंने कहा कि वह यह जवाब इसलिए दे रहे हैं ताकि लोग किसी झूठ को 100 बार दोहराए जाने के बाद उसे सच न मान लें।राघव चड्ढा पर आरोप लगाया गया था कि जब विपक्ष सदन से वॉकआउट करता है, तो वह वहीं बैठे रहते हैं। इसे ‘सफेद झूठ’ बताते हुए चड्ढा ने चुनौती दी कि संसद की CCTV फुटेज निकालकर दिखाई जाए। उन्होंने दावा किया कि ऐसा एक भी मौका नहीं आया जब वह विपक्ष के साथ वॉकआउट में शामिल न हुए हों।
दूसरा आरोप यह था कि उन्होंने मुख्य चुनाव कमिश्नर को हटाने वाली याचिका पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था। चड्ढा ने स्पष्ट किया कि AAP के किसी भी नेता ने उनसे औपचारिक या अनौपचारिक रूप से उस पर हस्ताक्षर करने के लिए नहीं कहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पार्टी के 10 सांसदों में से 6-7 सांसदों ने उस पर हस्ताक्षर नहीं किए, तो इसका सारा दोष अकेले उन पर ही क्यों मढ़ा जा रहा है?
उन्होंने कहा कि वह संसद में हंगामा करने, माइक तोड़ने या गाली-गलौज करने नहीं जाते, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दे उठाने जाते हैं। अपने 4 साल के कार्यकाल का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने GST, पंजाब के पानी, दिल्ली की हवा, सरकारी स्कूलों, रेल यात्रियों की समस्याओं, महंगाई, बेरोजगारी और मासिक धर्म से जुड़े स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। अंत में, चड्ढा ने बेहद आक्रामक लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, “हर झूठ का पर्दाफाश होगा और हर सवाल का जवाब दिया जाएगा। मैं घायल हूं, इसीलिए और भी ज़्यादा खतरनाक हूं।”


