पश्चिमी एशिया में जारी जंग और भारी तनाव के बीच भारत के लिए ऊर्जा सप्लाई को लेकर अच्छी खबर सामने आई है।भारत आने वाला एल.पी.जी. (LPG) टैंकर ‘ग्रीन साल्वी’ (Green Salvi) रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरू’ (Strait of Hormuz) को सुरक्षित पार कर रहा है। इससे देश में रसोई गैस की सप्लाई को लेकर बनी चिंता काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
सूत्रों के मुताबिक, ‘ग्रीन साल्वी’ अकेला नहीं है, बल्कि यह तीन भारतीय LPG जहाजों के काफिले की अगुवाई कर रहा है। इस जहाज में 46,000 मीट्रिक टन से ज्यादा गैस मौजूद है। जंग शुरू होने के बाद इस खतरनाक रास्ते से गुजरने वाला यह सातवां भारतीय जहाज है।यह सुरक्षित मार्ग भारत और ईरान के मजबूत कूटनीतिक संबंधों की वजह से संभव हो सका है।
जानकारी के अनुसार ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर’ (IRGC) की नेवी इन जहाजों की आवाजाही में सहयोग कर रही है। ईरान ने भारतीय जहाजों को ‘दोस्त राष्ट्र’ के रूप में मान्यता दी है, जिसके कारण इन्हें बिना किसी रुकावट के गुजरने की अनुमति मिल गई है। टैंकर फिलहाल ओमान के तट के पास दक्षिणी रास्ते से आगे बढ़ रहा है, जो उत्तरी रास्ते की तुलना में ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
जिक्रयोग्य है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद पश्चिमी एशिया में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। इसके कारण दुनिया भर की तेल और गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, इसलिए इन जहाजों का सुरक्षित लौटना भारतीय अर्थव्यवस्था और घरों की रसोइयों के लिए बेहद जरूरी है।


