पंजाब के मुख्यमंत्री ने मशहूर वकील एच.एस.फुल्का के BJP में शामिल होने पर सीधा निशाना साधा है।मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फुल्का के अतीत का हवाला देते हुए कहा कि जब लोगों ने उन पर भरोसा करके उन्हें MLA चुना था, तो उन्होंने बीच में ही इस्तीफा दे दिया था। मान ने कहा, “जब लोगों ने उन्हें चुनकर सेवा करने का मौका दिया, तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
आज तक मैंने ऐसा कोई व्यक्ति नहीं देखा जो इस्तीफा देने के बाद दोबारा जीता हो।”हालांकि मुख्यमंत्री ने मजाकिया अंदाज में फुल्का को उनके नए राजनीतिक सफर के लिए ‘गुड लक’ भी कहा। उन्होंने इशारा किया कि जनता राजनीति में बार-बार पाला बदलने वाले नेताओं को कभी स्वीकार नहीं करती।
1984 के सिख दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए जाने जाने वाले एच. एस. फुल्का पहले आम आदमी पार्टी के जरिए राजनीति में आए थे। उनका BJP में शामिल होना आने वाले चुनावों में बड़े बदलाव का संकेत है। मुख्यमंत्री मान के इस बयान से यह साफ हो गया है कि AAP अब अपने पुराने साथी को कड़ी राजनीतिक टक्कर देने के लिए तैयार है।


