नेपाल में पिछले साल सितंबर में हुए जेन जी विरोध-प्रदर्शनों की जांच के मामले में देश के पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को शनिवार (28 मार्च 2026) को गिरफ्तार कर लिया गया।. नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह बालेन की अध्यक्षता में शुक्रवार (27 मार्च 2026) को हुई नवगठित मंत्रिमंडल की बैठक में आयोग की रिपोर्ट को तुरंत लागू करने का फैसला किया गया था।
इस पर नेपाल के गृहमंत्री सुदान गुरूंग ने रिएक्शन दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा, ‘कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. हमने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और जाने वाले गृह मंत्री रमेश लेखक को काबू में कर लिया है. यह किसी से बदला नहीं है, यह तो बस न्याय की शुरुआत है. मुझे विश्वास है कि अब देश एक नई दिशा लेगा.’
नेपाल पुलिस ने पुलिस ने बताया कि नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी (CPN-UML) के अध्यक्ष ओली को शनिवार तड़के काठमांडू से 12 किलोमीटर पूर्व भक्तपुर जिले के गुंडू इलाके से गिरफ्तार किया गया.उसने बताया कि पूर्व गृह मंत्री
और नेपाली कांग्रेस के नेता रमेश लेखक को भी भक्तपुर जिले की सूर्यविनायक नगरपालिका के कटुंजे स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया है. ओली और लेखक को पिछले साल 8 और 9 सितंबर को हुए ‘जेन जी’ आंदोलन को दबाने में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इस आंदोलन में कई युवाओं सहित 76 लोग मारे गए थे।
जेन जी आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम की जांच के लिए गठित आयोग ने ओली और लेखक सहित अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले में कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है. बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली नेपाल की नवगठित सरकार ने शुक्रवार को अपनी
पहली मंत्रिमंडल बैठक में जांच आयोग की सिफारिशों को तत्काल लागू करने का निर्णय लिया. पुलिस ने कहा कि ओली और लेखक को भद्रकाली स्थित काठमांडू जिला पुलिस सर्किल में हिरासत में रखा गया है. जांच आयोग ने इस अपराध के लिए तीन से 10 साल तक की जेल की सजा की सिफारिश की है.


