पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने फतेहगढ़ साहिब के एडिशनल सेशंस कोर्ट के आदेशों पर रोक लगा दी है और अब संत ढडरियांवाला व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश नहीं होंगे।शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य भाई गुरप्रीत सिंह रंधावा द्वारा संत रणजीत सिंह ढडरियांवाला पर अश्लील टिप्पणी करने के लिए दायर मानहानि केस के संबंध में ढडरियांवाला को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप पेश होने को कहा गया था।
संत ढडरियांवाला की ओर से घुम्मन ब्रदर्स पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में पेश हुए, जिन्होंने कोर्ट में अपना पक्ष रखा और फतेहगढ़ साहिब के एडिशनल सेशंस कोर्ट द्वारा जारी आदेशों पर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई तक रोक लगा दी है।आपको बता दें कि फतेहगढ़ साहिब के ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास ने (24.03.26) को केस की सुनवाई करते हुए संत ढडरियांवाला को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है, अगली तारीख 17 अप्रैल तय की थी।
बता दे कि संत रणजीत सिंह ढडरियांवाला ने सिख प्रचारक बाबा हरि सिंह रंधावा और शिरोमणि कमेटी के सदस्य गुरप्रीत सिंह रंधावा के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है, जिसके लिए शिरोमणि कमेटी के सदस्य गुरप्रीत सिंह रंधावा ने ढडरियांवाला के खिलाफ मानहानि का केस किया था। 2019 में, रणजीत सिंह ढडरियांवाला के खिलाफ मानहानि का केस किया गया था, लेकिन निचली अदालत ने किसी कारण से संत रणजीत सिंह ढडरियांवाला को अदालत में पेश होने का आदेश नहीं दिया।


