लालकृष्ण आडवाणी को मिलेगा भारत रत्न, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

NRI SANJH JALANDHAR (3 February)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर भाजपा के भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी भारत रत्न से सम्मानित करने के बारे में जानकारी दी है। लाल कृष्ण आडवाणी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बाद भाजपा के वे दूसरे नेता हैं, जिन्हें देश का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान दिया जाएगा। अब तक 49 लोगों को भारत रत्न दिया जा चुका है। यह सम्मान पाने वाले आडवाणी 50वीं हस्ती हैं। मोदी ने सोशल मीडिया पर आडवाणी के साथ अपनी 2 तस्वीरें शेयर कीं और बधाई दी। उन्होंने लिखा- मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आडवाणी को उनके 96वें जन्म दिन पर बधाई भी दी थी।


आडवाणी हमारे समय से सबसे सम्मानित स्टेट्समैन हैं-पीएम
PM ने लिखा, ‘वे हमारे समय के सबसे सम्मानित स्टेट्समैन हैं। देश के विकास के लिए उनका योगदान कोई भूल नहीं सकता। उन्होंने जमीनी स्तर से काम शुरू किया था और वे देश के उपप्रधानमंत्री पद तक पहुंचे। वे देश के गृहमंत्री और सूचना-प्रसारण मंत्री भी रहे। उनकी संसदीय कार्यशैली हमेशा अनुकरणीय रहेगी।’ ‘सार्वजनिक जीवन में आडवाणी जी दशकों तक पारदर्शिता और अखंडता के प्रति अटूट प्रतिबद्ध रहे। उन्होंने राजनीतिक नैतिकता में एक अनुकरणीय मानक स्थापित किया है। उन्होंने राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनरुत्थान को आगे बढ़ाने की दिशा में अभूतपूर्व प्रयास किए हैं। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना मेरे लिए बहुत भावुक क्षण है। मैं इसे हमेशा अपना सौभाग्य मानूंगा कि मुझे उनके साथ बातचीत करने और उनसे सीखने के अनगिनत मौके मिले।’

भाजपा के फाउंडर मेंबर्स, 7वें उपप्रधानमंत्री रहे
आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची में हुआ था। 2002 से 2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में 7वें उपप्रधानमंत्री रहे। इससे पहले 1998 से 2004 के बीच NDA सरकार में गृहमंत्री रहे। वे भाजपा के फाउंडर मेंबर्स में शामिल हैं।

लाल कृष्ण आडवाणी का राजनीतिक सफर कुछ इस तरह का था
आडवाणी 1970 से 1972 तक जनसंघ की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष रहे। 1973 से 1977 तक जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। – 1970 से 1989 तक वे चार बार राज्यसभा के सदस्य रहे। इस बीच 1977 में वे जनता पार्टी के महासचिव भी रहे। – 1977 से 1979 तक वे केंद्र में मोरारजी देसाई की अगुआई में बनी जनता पार्टी की सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्री रहे। – वे 1986-91 और 1993-98 और 2004-05 तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। 1989 में वे 9वीं लोकसभा के लिए दिल्ली से सांसद चुने गए। – 1989-91 तक वे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे। 1991, 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 में वे गांधीनगर से लोकसभा सांसद चुने गए। – 1998 से लेकर 2004 तक एनडीए सरकार में गृह मंत्री रहे। वे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में 2002 से 2005 तक उप प्रधानमंत्री भी रहे।

2015 में आडवाणी को पद्म विभूषण दिया गया
इससे पहले 2015 में आडवाणी को देश के दूसरे सबसे नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। इसी साल पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी को भारत रत्न दिया गया था। तब के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी खुद उनके घर गए थे और उन्हें यह सम्मान दिया गया था। वाजपेयी तब 90 साल के थे और अस्वस्थ थें। मुखर्जी ने प्रोटोकोल से हट कर पूर्व प्रधानमंत्री के कृष्ण मेनन मार्ग स्थित निवास पर जाकर उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया। वाजपेयी के अलावा इसी साल प्रख्यात शिक्षाविद और स्वतंत्रता सेनानी महामना मदन मोहन मालवीय को मरणोपरांत यह सम्मान दिया गया था।

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