पंजाब विधानसभा में विपक्षी दल के नेता और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रताप सिंह बाजवा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली हैप्रताप सिंह बाजवा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सूत्रों के मुताबिक, हाईकोर्ट ने पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग द्वारा जारी किए गए ‘कारण बताओ नोटिस’ पर तुरंत स्टे लगा दिया है।यह विवाद 7 फरवरी 2026 को जंडियाला गुरु की एक रैली के दौरान कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. के बारे में प्रयुक्त शब्दावली से शुरू हुआ था,
जिस पर आयोग ने सु-मोटो नोटिस लिया था। बाजवा ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि उन्होंने प्रयुक्त शब्द “बैंड बजाना” एक आम पंजाबी मुहावरा है जो राजनीतिक भ्रष्टाचार को नंगा करने के लिए प्रयुक्त किया गया था और इसका किसी जाति के अपमान से कोई संबंध नहीं है।मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने इन दलीलों पर गौर करते हुए कार्रवाई पर रोक लगा दी है और पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। प्रताप सिंह बाजवा ने इस फैसले का स्वागत किया।



