मोहाली में ऐतिहासिक गुरुद्वारा अंब साहिब फेज-8 की 44 मरला जमीन गलत तरीके से बेचने के मामले में पुलिस ने 7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों में गुरुद्वारा अंब साहिब के तत्कालीन मैनेजर राजिंदर सिंह टोहरा, गुरिंदर सिंह निवासी गांव सैनीमाजरा, तलविंदर सिंह निवासी गांव सैनीमाजरा, सतवीर सिंह निवासी गांव सैनीमाजरा, बलजिंदर सिंह निवासी गांव सैनीमाजरा, जसवंत सिंह निवासी गांव सैनीमाजरा और जगतार सिंह निवासी गुरुद्वारा अंब साहिब फेज-8 शामिल हैं।
इन पर धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले में एसजीपीसी के सेक्रेटरी प्रताप सिंह ने एस.एस.पी. को मोहाली के सेक्टर-76 स्थित रजिस्ट्रार ऑफिस में शिकायत दी थी कि गांव सैनीमाजरा में गुरुद्वारा अंब साहिब की 44 मरला जमीन की फर्जी दस्तावेज तैयार करके रजिस्ट्री कर ली गई।
इस शिकायत में मैनेजर के अलावा दूसरे लोगों की मिलीभगत होने का भी शक्क था, क्योंकि रजिस्ट्रेशन के समय जो अथॉरिटी लेटर पेश किया गया था, वह नकली था, जिसे मैनेजर ने खुद नकली साइन करके तैयार किया था। इसके अलावा गुरुद्वारा साहिब की ज़मीन बेचने से पहले एसजीपीसी से प्रस्ताव पास करके मंज़ूरी लेना ज़रूरी है,
लेकिन रजिस्ट्रेशन के समय ऐसा कोई प्रस्ताव पेश नहीं किया गया। एसएसपी मोहाली को शिकायत देने के अलावा एसजीपीसी ने डीसी को भी लिखकर शिकायत देकर रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने और ज़मीन ट्रांसफर करने की मांग की थी।
जैसे ही एसजीपीसी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी को इसका पता चला, तो उन्होंने गुरुद्वारा अंब साहिब के मैनेजर राजिंदर सिंह टोहरा को तुरंत सस्पेंड कर दिया। इस बीच, मामले को उजागर करने वाले शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की ज़मीन सिर्फ़ 1 करोड़ 32 लाख रुपये में बेची गई, जबकि अगर खुली बोली होती, तो यह ज़मीन 15 से 20 करोड़ रुपये में बिक सकती थी।



