बाबा रामदेव से पतंजलि के 14 प्रतिबंधित उत्पादों पर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा हलफनामा

NRI SANJH JALANDHAR (12 JULY)

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सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि के 14 प्रतिबंधित उत्पादों को लेकर बाबा रामदेव से हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। बावजूद इसके, ये उत्पाद अब भी बाजार में उपलब्ध हैं। पटना, दिल्ली,लखनऊ और देहरादून के पतंजलि स्टोर पर इन उत्पादों की बिक्री जारी है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि स्टोर पर मौजूद दुकानदार ग्राहकों को आश्वासन दे रहे हैं कि 1 हफ्ते के अंदर सभी प्रतिबंधित उत्पाद उनके स्टोर पर उपलब्ध हो जाएंगे। इनमें से प्रत्येक उत्पाद कम से कम 1 स्टोर में जरूर पाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड से हलफनामा दाखिल करने का आदेश इसलिए दिया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कंपनी ने स्टोर मालिकों, विज्ञापन आउटलेट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को प्रतिबंध का पालन करने के लिए सूचित किया या नहीं।

क्या है प्रतिबंधित उत्पादों का मामला?

उत्तराखंड राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने 15 अप्रैल को पतंजलि आयुर्वेद और दिव्य फॉर्मेसी के 14 उत्पादों के विनिर्माण लाइसेंस निलंबित किए थे। मई में प्राधिकरण ने कोर्ट को बताया कि 15 अप्रैल के आदेश के अमल पर रोक लगा दी है और निलंबन आदेश रद्द कर दिया है। फिर भी, सुप्रीम कोर्ट ने 8 जुलाई को पतंजलि को नया कारण बताओ नोटिस जारी कर हलफनामा मांगा है।

प्रतिबंधित उत्पादों की सूची

प्रतिबंधित उत्पादों में श्वासरी गोल्ड, श्वासरि वटी, ब्रोंकोम, श्वासरि प्रवाही, श्वासरि अवलेह, मुक्ता वटी एक्स्ट्रा पावर, लिपिडोम, बीपी ग्रिट, मधुग्रिट, मधुनाशिनी वटी एक्स्ट्रा पावर, लिवामृत एडवांस, लिवोग्रिट, आईग्रिट गोल्ड और पतंजलि दृष्टि आई ड्रॉप शामिल हैं।

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