Thursday, October 15, 2026

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मुख्य चुनाव आयुक्त और SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी और विपक्ष के नेताओं की याचिका औपचारिक तौर पर दर्ज

मुख्य चुनाव आयुक्त और विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी और विपक्ष के नेताओं की याचिका को अब औपचारिक रूप से दर्ज कर लिया गया है. रजिस्ट्री की तरफ से बताई गई तकनीकी त्रुटियां ठीक होने के बाद याचिका को रिट पेटिशन नंबर दे दिया गया है. फिलहाल कोर्ट के सिस्टम में सुनवाई की संभावित तारीख 26 अक्टूबर दिख रही हैदशहरा की छुट्टियों के बाद 26 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट का कामकाज दोबारा शुरू होगा।

हालांकि, कोर्ट शुक्रवार 16 अक्टूबर तक खुला है. ऐसे में अगर याचिकाकर्ताओं के वकील प्रयास करते हैं तो सुनवाई इस सप्ताह भी हो सकती हैकोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक याचिका में 2 और याचिकाकर्ताओं टी.थिरुमवालावन और सज्जात अहमद किचलू के नाम भी जोड़े गए हैं. यानी अब कुल 13 याचिकाकर्ता हैं. इससे पहले राहुल के साथ 10 विपक्षी नेता याचिकाकर्ता थे

टी.थिरुमवालावन विदूतलाई चिरुथाइगल कत्ची (वीसीके) के संस्थापक हैं. वहीं किचलू नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता हैं.12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं की याचिका दाखिल हुई थी. रजिस्ट्री ने 14 तरह की कमियां बताई थीं.नइनमें याचिका में कुछ जगहों पर प्रतिवादियों के नाम में गड़बड़ी, निजी पक्षकारों को प्रतिवादी बनाने का स्पष्टीकरण न देना, पुराने फैसले की कॉपी नहीं लगाना, राहुल और खड़गे को छोड़ कर बाकी 9 याचिकाकर्ताओं की तरफ से

वकालतनामा नहीं आना, खड़गे के पहचान पत्र की धुंधली कॉपी, 220 रुपये की कोर्ट फीस कम जमा करना, दस्तावेजों की प्रिंटिंग में कमी जैसी बातें शामिल थीकोर्ट की तय व्यवस्था के मुताबिक तकनीकी गलतियों को ठीक करने के बाद ही याचिका जजों के सामने सुनवाई के लिए रखी जा सकती है. मंगलवार, 13 अक्टूबर को यह गलतियां सुधार दी गई थीं. अब याचिका को औपचारिक रूप से दर्ज कर लिया गया है.विपक्षी नेताओं की इस याचिका में मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) को लागू करने के तरीके पर सवाल उठाया गया है. याचिका में आरोप लगाया गया है

कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने दूसरे चुनाव आयुक्तों की जानकारी, सहमति या मंजूरी के बिना एकतरफा फैसले लिएयाचिकाकर्ताओं ने देशभर में SIR शुरू करने के फैसले से जुड़ी फाइलें, नोटिंग और रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग भी की है. याचिकाकर्ताओं ने यह मांग भी की है कि सुनवाई लंबित रहने तक देशभर में SIR रोक

दिया जाए. इन मांगों के अलावा भी कई मांगे याचिकाकर्ताओं ने की हैएआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी मतदाता सूचियों के SIR को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. कोर्ट ने उनके वकील से लिस्ट मांगी है कि उनकी याचिका से मिलती कौन सी याचिकाएं लंबित है

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