पंजाब कांग्रेस में फिर से बगावती सुर उठने की चर्चाओं के बीच पंजाब कांग्रेस के सूबा इंचार्ज को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, कांग्रेस पार्टी के पंजाब इंचार्ज भूपेश बघेल का आज चंडीगढ़ दौरा था, लेकिन सूत्रों के मुताबिक उनका यह दौरा किसी कारणों से रद्द कर दिया गया है।गौरतलब है कि कल चन्नी धड़े की ओर से एक अहम मीटिंग की गई थी।
उसी के बाद कांग्रेस पार्टी के पंजाब इंचार्ज के दौरे पर सबकी नजर थी, लेकिन अब आज का यह दौरा कैंसिल कर दिया गया है। इस दौरान चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।बीते दिन हुई मीटिंग के दौरान यह फैसला लिया गया कि चरणजीत सिंह चन्नी को दिए गए अधिकारों के मामले पर पार्टी हाईकमान से जल्द मुलाकात की जाएगी। इसके साथ ही पंजाब कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे और आने वाले समय की रणनीति पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
चन्नी के बुलावे पर हुई इस मीटिंग में विधायक त्रिप्त राजिंदर सिंह बाजवा, काला ढिल्लों, राणा गुरजीत सिंह, पूर्व उप मुख्यमंत्री ओपी सोनी, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू, गुरकीरत सिंह कोटली, गुरप्रीत कांगड़, नाजर सिंह मानशाहिया, परमिंदर सिंह पिंकी, दविंदर सिंह घुबाया, इंदरबीर सिंह बुलारिया, लखबीर सिंह लक्खा, तरसेम डीसी, दर्शन बराड़, हरमिंदर सिंह गिल, मदन लाल जलालपुर, यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बरिंदर सिंह ढिल्लों, कमलजीत कड़वाल, पूर्व सांसद मुहम्मद सदीक, पूर्व विधायक जोगिंदर पाल, दिनेश बसी, दलबीर सिंह गोल्डी, पिरमल सिंह और दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह समेत कई सीनियर नेता मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार, मीटिंग के दौरान कई नेताओं ने पंजाब कांग्रेस की हालिया नियुक्तियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की नियुक्ति को वे स्वीकार नहीं करते और पार्टी हाईकमान को अपने फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए।दूसरी ओर, हाईकमान ने हाल ही में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग प्रदेश अध्यक्ष और चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव प्रचार समिति के चेयरमैन के पद पर बरकरार रखने का फैसला किया है।


