CBSE के थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूला को लेकर छात्रों और उनके पेरेंट्स के मन में कई सवाल थे. इन्हे अब सीबीएसई ने दूर कर दिया है. बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि 7वीं, 8वीं, 9वीं और मौजूदा 10वीं के छात्रों के लिए फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा. बोर्ड ने नई भाषा नीति को लेकर डिटेल्स में दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं।CBSE बोर्ड की ओर से जारी गाइडलाइन्स के अनुसार मौजूदा 10वीं क्लास के छात्रों पर भी नई भाषा नीति लागू नहीं होगी।।
इससे इस साल बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को किसी तरह के बदलाव या अतिरिक्त विषय की चिंता करने की जरूरत नहीं है. सीबीएसई ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि 7वीं, 8वीं और 9वीं के वे छात्र, जिन्होंने पहले से दो विदेशी भाषाएं चुनी हैं, वे अपनी वही भाषाएं जारी रख सकेंगे. हालांकि, उन्हें इसके साथ एक भारतीय भाषा (भारतीय भाषा/भाषा) भी पढ़नी होगी।
सीबीएसई का कहना है कि नई भाषा नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. इससे छात्रों की पढ़ाई पर अचानक कोई असर न पड़े. इसके लिए कक्षा के स्तर के अनुसार आवश्यक अध्ययन सामग्री भी तय समय सीमा के अंदर दी जाएगी।कक्षा 10 (सत्र 2026-27)इस बैच के लिए कोई बदलाव नहीं होगा. छात्र पहले की तरह केवल दो भाषाएं ही पढ़ेंगे।
उन्हें तीसरी भाषा लेने की जरूरत नहीं होगी.कक्षा 9 (सत्र 2026-27)इस बैच के छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी. तीन में से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है. अगर कोई छात्र पहले से हिंदी और तमिल जैसी दो भारतीय भाषाएं पढ़ रहा है, तो वह तीसरी भाषा के रूप में एक और भारतीय भाषा या अंग्रेजी, फ्रेंच जैसी विदेशी भाषा चुन सकता है।
यदि कोई छात्र तमिल और अंग्रेजी पढ़ रहा है, तो उसे तीसरी भाषा के रूप में एक भारतीय भाषा जोड़नी होगी. अगर कोई छात्र अंग्रेजी और फ्रेंच जैसी दो विदेशी भाषाएं पढ़ रहा है, तो उसे एक बार की विशेष छूट दी गई है. वह अपनी दोनों विदेशी भाषाएं जारी रख सकता है, लेकिन इसके साथ एक भारतीय भाषा भी पढ़नी होगी.मौजूदा समय में कक्षा 9 के छात्रों को तीसरी भाषा में CBSE बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी।
इस भाषा का मूल्यांकन केवल स्कूल के स्तर पर होगा.कक्षा 7 और 8 (सत्र 2026-27)जब ये छात्र कक्षा 9 और 10 में पहुंचेंगे, तब भी तीन भाषाएं पढ़ेंगे. अगर उन्होंने पहले से दो विदेशी भाषाएं चुन रखी हैं, तो उन्हें केवल एक भारतीय भाषा और जोड़नी होगी. इन छात्रों को भी तीसरी भाषा की CBSE बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी. इसका मूल्यांकन केवल स्कूल करेगा।
कक्षा 6 (सत्र 2026-27) और उसके बाद के बैचइन छात्रों पर नई नीति पूरी तरह लागू होगी. तीन भाषाओं में दो भारतीय भाषाएं अनिवार्य होंगी. जब ये छात्र कक्षा 10 में पहुंचेंगे, तब तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा भी देंगे. NCERT 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं में नई किताबें उपलब्ध करा रहा है.


