पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ने वाला है। जिस बढ़ोतरी का डर लंबे समय से था, वह आखिरकार आज, यानी 15 मई को हो ही गई, और देश में ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं। पेट्रोल 3.14 रुपये और डीज़ल 3.11 रुपये महंगा हो गया है।ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ़ गाड़ियों तक ही सीमित नहीं है।
ट्रांसपोर्ट की लागत बढ़ने की वजह से सब्ज़ियां, दूध, राशन, ऑनलाइन डिलीवरी, बस-ऑटो का किराया और रोज़मर्रा के इस्तेमाल की कई दूसरी ज़रूरी चीज़ें भी महंगी हो जाती हैं। ऐसे में, आने वाले दिनों में घर का बजट बिगड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सबसे पहले रोज़मर्रा के इस्तेमाल की चीज़ों पर दिखता है।
खेतों से बाज़ारों तक फल और सब्ज़ियां पहुंचाने में ट्रांसपोर्ट की लागत बढ़ जाती है, जिसकी वजह से उनकी कीमतें बढ़ने लगती हैं।इसके साथ ही, दूध और दूसरे डेयरी उत्पादों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि जानवरों का चारा लाने और दूध पहुंचाने में काफ़ी खर्च आता है। ऐसे में, पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती कीमतें घर के किचन का बजट बिगाड़ सकती हैं।
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर यात्रा और ट्रांसपोर्ट पर भी साफ़ तौर पर दिख रहा है। बस, ऑटो और कैब सेवाओं का किराया बढ़ सकता है, क्योंकि लागत बढ़ने पर कंपनियाँ किराया बढ़ा देती हैं। इसके साथ ही, स्कूल बसों और वैन को चलाने की लागत बढ़ने की वजह से बच्चों की ट्रांसपोर्ट फ़ीस भी बढ़ने की संभावना है।
पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर ऑनलाइन सेवाओं पर भी पड़ सकता है। Amazon, Flipkart, Zomato और Swiggy जैसी कंपनियाँ डिलीवरी की लागत बढ़ा सकती हैं। इसके साथ ही, एक शहर से दूसरे शहर सामान भेजने वाली कूरियर सेवाओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता।


