अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद में शनिवार को वाशिंगटन और तेहरान के बीच निर्धारित शांति वार्ता में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान रवाना हो गए। अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है।अमेरिका यह तो कह रहा है कि वह इस वार्ता को सकारात्मक रूप से तो देख रहा है, लेकिन बातचीत से ठीक पहले डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी कुछ और इशारा कर रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान के साथ बातचीत के जरिए हल नहीं निकला तो उस पर अब तक का सबसे घातक हमला करेंगे।न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक ट्रंप ने कहा, ‘हम अपने जहाजों पर अब तक के सबसे बेहतरीन हथियार लोड कर रहे हैं. अगर डील नहीं हुई तो इनका इस्तेमाल होगा.
‘ पाकिस्तान रवाना होने से पहले जेडी वेंस ने कहा, अगर ईरानी अच्छी नीयत से बातचीत करने को तैयार हैं, तो हम निश्चित रूप से उनका स्वागत करने के लिए तैयार है,लेकिन अगर वे हमारे साथ ‘खेल’ खेलने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें पता चलेगा कि वार्ता टीम इतनी भी सहयोगी नहीं है।तेहरान ने धमकी दी है कि अगर लेबनान पर इजराइल के हमले बंद नहीं हुए, तो वह इस्लामाबाद में निर्धारिच वार्ता से पीछे हट जाएगा।
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से तय किए गए दो उपायों को अभी तक लागू नहीं किया गया है : लेबनान में युद्ध-विराम और ईरानी संपत्तियों से प्रतिबंध हटाया जाना. वार्ता शुरू होने से पहले इन दोनों शर्तों को पूरा किया जाना चाहिए।


