Sunday, April 12, 2026

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मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी से की मुलाकात

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी से मुलाकात की। सीएम मान ने इस दौरान बारिश से फसल को हुए नुक्सान और RDF जैसे मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने मांग की कि केंद्र तुरंत फसल के नुकसान का आकलन करने के लिए एक टीम भेजे ताकि किसानों को उनके नुक्सान का मुआवजा दिया जा सके। केंद्र ने टीमें भेजने का भरोसा दिया।उन्होंने यह भी तर्क दिया कि RDF के लगभग 9000 करोड़ रुपये तुरंत जारी किए जाने चाहिए।

उन्होंने केंद्र सरकार को यह विकल्प दिया कि अगर केंद्र पैसा जारी करता है, तो वे केस वापिस लेने को तैयार है। उन्होंने कहा कि केंद्र को यह रकम किश्तों में जारी करनी चाहिए।रिपोर्टर्स से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री ने देश के मुख्यमंत्रियों के साथ एक वर्चुअल मीटिंग की थी। इस दौरान खाड़ी युद्ध से प्रभावित इलाकों पर चर्चा हुई थी।

उन्होंने आज उन इलाकों की लिस्ट दी।पंजाब में 155 मीट्रिक टन गेहूं ढके हुए गोदामों में पड़ा है। हमने FCI से इस स्टॉक को उठाने के लिए कहा है। गोदाम खाली करें। स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं। यह अनाज पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और प्रधानमंत्री की दूसरी कल्याणकारी योजनाओं के तहत लोगों को बांटा जा सकता है। यह बात उन्हें पहले से पता थी। उन्होंने कहा कि अप्रैल से जून तक गोदाम खाली करने के लिए और ट्रेनें लगाई जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कैश क्रेडिट लिमिट का मुद्दा भी उठाया। अगर कोई राज्य सरकार RBI से लोन लेती है, तो उसे ज़्यादा ब्याज देना पड़ता है, जबकि केंद्र सरकार कम लेती है। मंत्री ने कहा कि यह मुद्दा सही है। मैंने उन्हें बताया कि जो ब्याज लगता है, वह 0.55 परसेंट है, आधे परसेंट से ज़्यादा। यह सिर्फ़ आधा परसेंट है, लेकिन हमें 500 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।

सीएम मान ने कहा कि RDF फंड का मुद्दा भी उठाया। हमने कहा कि हमने विधानसभा में प्रस्ताव पास किया है कि हम पैसा सिर्फ़ बाज़ारों मंउ खर्च करेंगे। यह पैसा पिछली सरकार ने रोक रखा है। हमने उनसे कहा कि हमें हमारा पैसा दे दो, हम सुप्रीम कोर्ट से केस वापस लेने को तैयार हैं। मैंने सुझाव दिया कि वे पैसे किश्तों में दें।

मीटिंग में कमीशन एजेंट का मुद्दा उठाया गया। वे भारत सरकार के दिए रेट नहीं मान रहे हैं। वे 5.75 रुपये और मांग रहे हैं, जो केंद्र सरकार को देना है। हालांकि, हमारे कहने पर वे हड़ताल पर नहीं गए हैं। हमने कहा था कि पंजाब और हरियाणा में मंडी सिस्टम बहुत मजबूत है। हमें इससे दूर रखो। हम वर्ल्ड लीडर तभी बनेंगे जब सब खुश होंगे।।

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