पंजाब पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने चंडीगढ़ पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन में चंडीगढ़ ग्रेनेड हमले में शामिल पांच आरोपियों को एक हैंड ग्रेनेड और एक .30 बोर जिगाना पिस्तौल समेत गोली-बारूद के साथ गिरफ्तार कर इस वारदात की गुत्थी को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। यह जानकारी डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने आज यहां दी।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान पिंड माजरी (एस.बी.एस. नगर) के बलविंदर लाल उर्फ शम्मी, पिंड भरापुर (एस.बी.एस. नगर) के जसवीर सिंह उर्फ जस्सी, पिंड सुजावलपुर (एसबीएस नगर) के चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी, पिंड ठाणा (शिमला) के रूबल चौहान और धूरी (संगरूर) के मंदीप उर्फ अभिजीत शर्मा के तौर पर हुई है।डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है
कि इस मॉड्यूल को पाकिस्तान की आई.एस.आई. का समर्थन प्राप्त था और यह पुर्तगाल व जर्मनी में स्थित विदेशी हैंडलरों के निर्देशों के अधीन काम कर रहा था। उन्होंने कहा कि उक्त आरोपी एक संरचित नेटवर्क का हिस्सा थे, जिसमें हमला करने के लिए कई कट-आउट और सब-मॉड्यूल शामिल थे।
डीजीपी ने कहा कि हमले में शामिल दो मुख्य आरोपियों की भी पहचान कर ली गई है। उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में आगे-पीछे के संबंध स्थापित करने के लिए और जांच जारी है।उल्लेखनीय है कि बुधवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 37 में भारतीय जनता पार्टी के दफ्तर के बाहर एक ग्रेनेड हमला हुआ था।


