राजधानी दिल्ली में शनिवार, 28 मार्च को ‘अर्थ आवर 2026’ मनाया जा रहा है। इस मौके पर, बिजली बांटने वाली प्रमुख कंपनी BSES ने अपने लगभग 54 लाख ग्राहकों और दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और मध्य दिल्ली के 2.25 करोड़ निवासियों को इस वैश्विक अभियान में हिस्सा लेने के लिए बुलाया है।
इस अभियान के तहत, दिल्ली वालों से अपील की गई है कि वे शनिवार को रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक अपने घरों और दफ्तरों की गैर-ज़रूरी बिजली की लाइटें और उपकरण बंद रखें। साल 2026 के लिए इस अभियान की थीम है ‘पृथ्वी के लिए एक घंटा दें’।
इसका मकसद सिर्फ़ प्रतीकात्मक तौर पर लाइटें बंद करना नहीं है, बल्कि पर्यावरण के प्रति लोगों के व्यवहार में हमेशा के लिए बदलाव लाना है।यह अभियान, जो 2007 में सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) में शुरू हुआ था, आज 190 से ज़्यादा देशों में फैल चुका है। यह जलवायु परिवर्तन के ख़िलाफ़ लड़ाई में एक बड़ा हथियार साबित हो रहा है।
पिछले कुछ सालों में, दिल्ली वालों ने इस अभियान में बड़े उत्साह से हिस्सा लिया है। साल 2024 में, अर्थ आवर के दौरान 206 MW बिजली बचाई गई थी। साल 2025 में, यह आंकड़ा बढ़कर 269 MW हो गया।बिजली कंपनी BSES अपनी सप्लाई में ‘ग्रीन एनर्जी’ (सौर और रिन्यूएबल एनर्जी) का हिस्सा लगातार बढ़ा रही है।
जागरूकता फैलाने के लिए, कंपनी SMS, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और रेजिडेंट वेलफ़ेयर एसोसिएशन (RWA) के ज़रिए लोगों तक पहुंच रही है। अब तक, BSES ने 13,000 से ज़्यादा रूफ़टॉप सोलर कनेक्शन लगाए हैं। 6,300 से ज़्यादा EV चार्जिंग प्वाइंट लगाए गए हैं।


