मोगा के बाघापुराना में एसडीएम बबनदीप सिंह वालिया का ट्रांसफर कर दिया गया है और उन्हें फाजिल्का में क्षेत्रीय अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है। वहीं लुधियाना में तैनात अमरीक सिंह पीसीएस को बाघापुराना में नया एसडीएम नियुक्त किया गया है।एसडीएम बाबनदीप सिंह वालिया ने चीफ सेक्रेटरी को लिखे पत्र में बताया कि 17 मार्च को कानून-व्यवस्था बिगड़ने के कारण चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी।
उन्होंने समय रहते इसकी सूचना डीसी मोगा को दे दी थी। इसके बाद से उनके साथ लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है।चंडीगढ़ में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को बाघा पुराना DC-SDM विवाद पर सुनवाई करते हुए कड़ी टिप्पणियां की थी, कोर्ट ने मामले का निपटारा करते हुए आगामी ब्लॉक समिति चुनावों को लेकर अहम निर्देश जारी किए।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि SDM का शिकायत पत्र पहले ही फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो चुका है। कोर्ट ने 28 मार्च को दोबारा से चुनाव करवाने के आदेश दिए गए हैं। इस दौरान एक वकील को ऑब्जर्वर तैनात किया गया है। चुनावी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई जाएगी।इस दौरान एसडीएम भवनदीप पेश हुए। उन्हें अदालत ने कहा कि आपका पत्र लीक कैसे हो गया।
आपको इस मामले को चीफ सेक्रेटरी के पास लेकर जाना चाहिए। अदालत ने सुनवाई के दौरान एसडीएम से पहले पूछा कि आपका पत्र लीक कैसे हो गया। फिर उन्होंने एसडीएम को समझाते हुए कहा कि जिस तरह अब तक आपने किया। ऐसा नहीं होना चाहिए था। आपने चीफ सेक्रेटरी को पत्र भी लिखा था। अगर कोई दिक्कत आ रही थी, तो बात बंद दरवाजों में हो सकती थी। जिस तरह यह पत्र पब्लिक डोमेन में आया है, उससे कई सवाल खड़े हुए हैं। आप एक जिम्मेदार अधिकारी हो।
इस तरह की बातें नहीं होनी चाहिएसुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि SDM का शिकायत पत्र पहले ही फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो चुका है। इस तरह के दस्तावेज़ों के दुरुपयोग पर चिंता जताई। कोर्ट ने सवाल उठाया कि एक सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद SDM ने
अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए चंडीगढ़ में उचित मंच का सहारा क्यों नहीं लिया। हाईकोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि SDM का पत्र किसी तीसरे व्यक्ति के जरिए कोर्ट तक पहुंचा। जो प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। कोर्ट ने सलाह दी कि ऐसी शिकायतें मुख्य सचिव के समक्ष पेश की जानी चाहिए थी।


