दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े सीबीआई (CBI) मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट से मनीष सिसोदिया और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने दोनों को इस मामले में बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला।
अदालत ने स्पष्ट किया कि सीबीआई द्वारा लगाए गए आरोपों में दम नहीं है और किसी आपराधिक षड्यंत्र का प्रमाण सामने नहीं आया। कोर्ट ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष अपना मामला साबित करने में विफल रहा और निष्पक्ष सुनवाई के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।सुनवाई के दौरान जज ने चार्जशीट में दर्ज गवाहों के बयानों पर सवाल उठाए।
अदालत ने कहा कि गवाह संख्या 5 और 6 के बयान आपस में मेल नहीं खाते। जज ने टिप्पणी की कि सीबीआई द्वारा पेश किए गए दस्तावेज भी चार्जशीट से मेल नहीं खाते है। अदालत ने “साउथ ग्रुप” और “साउथ लॉबी” जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई। जज ने कहा कि अगर यही चार्जशीट चेन्नई में दाखिल की जाती तो क्या वहां भी “साउथ ग्रुप” लिखा जाता? यह शब्द किसने बनाया ?
इस पर सीबीआई ने कहा कि यह कई आरोपियों के लिए साझा शब्द था। जज ने कहा कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए था।कोर्ट ने यह भी कहा कि सीबीआई ने चेन्नई कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में “साउथ लॉबी” शब्द का इस्तेमाल किया था और पूछा कि यह शब्द कहां से आया।
जज ने नाराजगी जताई कि उन्हें अब तक कन्फेशनल स्टेटमेंट की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि पहले दिन से इसकी मांग की जा रही थी। सीबीआई ने कहा कि कन्फेशनल स्टेटमेंट सील कवर में जमा किया गया था।इस पर अदालत ने सवाल उठाए।
जज ने कहा कि कभी-कभी फाइल ज्यादा पढ़ने पर फाइल खुद बात करने लगती है।अंत में जज ने सभी वकीलों और एएसजी का धन्यवाद कियाइससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही आरोपियों की हाजिरी ली गई। मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल अदालत में मौजूद रहे।



