भारत में ई-पासपोर्ट शुरू हो गया है और अब तक भारत में 80 लाख ई-पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। यह पूरी तरह से एडवांस्ड सिक्योरिटी फीचर्स से लैस होगा। यह नया ई-पासपोर्ट पुराने पासपोर्ट से कहीं ज़्यादा एडवांस्ड है। ई-पासपोर्ट में R. F. I. D. चिप, एन्क्रिप्टेड बायोमेट्रिक वगैरह जैसे सिक्योरिटी फीचर्स हैं। इससे इमिग्रेशन काउंटर पर वेरिफिकेशन तेज़ी से होगा।
साथ ही, नकली पासपोर्ट बनाना नामुमकिन हो जाएगा। आइए पुराने और ई-पासपोर्ट के बीच के अंतर को डिटेल में समझते हैं।विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में साफ कहा है कि अब से सिर्फ ई-पासपोर्ट ही जारी किए जाएंगे, जबकि पुराने पासपोर्ट यानी नॉन-इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट अपनी एक्सपायरी डेट तक वैलिड रहेंगे। नए नियम में, अगर किसी ने 28 मई 2025 को या उसके बाद नया पासपोर्ट बनवाया है या पासपोर्ट रिन्यू कराया है, तो नया पासपोर्ट ई-पासपोर्ट होगा।ई-पासपोर्ट की बात करें तो यह दिखने में पुराने पासपोर्ट जैसा ही होगा।
इसमें भी पुराने पासपोर्ट जैसे ही पेज होंगे। ई-पासपोर्ट के कवर पर एक छोटी इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होगी। चिप पासपोर्ट होल्डर का नाम, फोटो, फिंगरप्रिंट और दूसरी पर्सनल डिटेल्स डिजिटली स्टोर करेगी। यह चिप दुनिया भर के सभी एयरपोर्ट पर एक सेकंड में मशीन से पढ़ी जा सकेगी। चिप में मौजूद डेटा पर डिजिटल सिग्नेचर होगा। इस सिग्नेचर को कभी बदला नहीं जा सकेगा।



