स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का तीसरा राउंड अप्रैल 2026 में शुरू होने वाला है। यह एक ऐसा प्रोसेस है जिसमें वोटर लिस्ट चेक की जाती है, डुप्लीकेट नाम हटाए जाते हैं, नए वोटर जोड़े जाते हैं और सब कुछ अपडेट किया जाता है। चुनाव आयोग ने दिल्ली समेत 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चीफ इलेक्शन ऑफिसर (CEO) को लिखा।
इसमें साफ कहा गया है कि “SIR प्रोसेस अप्रैल 2026 में शुरू होने की उम्मीद है” और उनसे जल्दी तैयारी पूरी करने को कहा गया है।स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) एक खास प्रोसेस है जिसमें वोटर लिस्ट की अच्छी तरह से जांच की जाती है। इसमें नकली वोटर हटाए जाते हैं, नए एलिजिबल वोटर जोड़े जाते हैं और पुराने रिकॉर्ड अपडेट किए जाते हैं। इसका मकसद चुनाव प्रोसेस को और ट्रांसपेरेंट और भरोसेमंद बनाना है।
बताया गया है कि जिन राज्यों में SIR अभी भी पेंडिंग है, वहां करीब 390 मिलियन वोटर हैं। पिछले दो फेज में करीब 600 मिलियन वोटर की लिस्ट पहले ही रिव्यू हो चुकी है। इसका मतलब है कि तीसरा फेज भी अहम माना जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि SIR का तीसरा फेज़ 2027 की जनगणना के हाउस-लिस्टिंग फेज़ के साथ शुरू होगा। यह प्रोसेस अप्रैल से सितंबर के बीच 45 दिनों के समय में अलग-अलग राज्यों में होगा।
इस वजह से, दिल्ली, हरियाणा और ओडिशा जैसे राज्यों को अपने शेड्यूल में बदलाव करना पड़ सकता है। अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक हुआ, तो यह फेज़ जून या जुलाई 2026 तक चल सकता है। ज़रूरत पड़ने पर डेडलाइन बढ़ाई जा सकती है। चुनाव आयोग का मानना है कि वोटर लिस्ट को समय पर अपडेट करने से भविष्य में निष्पक्ष चुनाव होंगे।



