पिछले दिन मोगा में हुए समागम को लेकर राजनीति गर्मा गई है । गुरदासपुर से लोकसभा सदस्य और पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मोगा में हुए एक सरकारी समागम के राजनीतिकरण को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री डा.जितेंद्र सिंह को एक शिकायत पत्र लिखा है। रंधावा ने आरोप लगाया है कि नशा विरोधी मुहिम के नाम पर करवाया गया यह कार्यक्रम असल में आम आदमी पार्टी की एक राजनीतिक रैली था।
रंधावा ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि समागम दौरान आम आदमी पार्टी के झंडों और चिन्हों का इस्तेमाल किया और पार्टी के राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल मुख्य मेहमान के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि स्टेज पर मनीष सिसोदिया जैसे सीनियर नेताओं की मौजूदगी और केजरीवाल के राजनीतिक भाषण ने इस सरकारी कार्यक्रम को पूरी तरह राजनीतिक रंगत दे दी।सबसे गंभीर चिंता प्रकट करते हुए रंधावा ने स्टेज पर पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी की मौजूदगी पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया सर्विसेज (कंडक्ट) नियम, 1968 का नियम 5 अधिकारियों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने से रोकता है। उनके अनुसार, सीनियर अधिकारियों की ऐसी मौजूदगी प्रशासनिक निष्पक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ है और जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाती है।उन्होंने पंजाब सरकार से इस समागम की प्रकृति और इस में अधिकारियों की भूमिका बारे रिपोर्ट मांगी है।
यह जांच की जाए कि क्या अधिकारियों ने नियमों की उल्लंघना की है और अगर जरूरत हो तो अनुशासनिक कार्रवाई की जाए। रंधावा ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सिविल सेवाओं और राजनीतिक प्लेटफार्मों के बीच स्पष्ट पाड़ा होना अनिर्वाय है। इस चिट्ठी की एक कॉपी भारत सरकार के कैबिनेट सचिव को भी भेजी गई है।



