जालंधर के चर्चित लक्की ओबरॉय कत्ल कांड से बाद पीड़ित परिवार ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डी.जी.पी.) से अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पारिवारिक सदस्यों का कहना है कि कत्ल से बाद उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिस कारण पूरा परिवार डर और तनाव के माहौल में जीने के लिए मजबूर है।
परिवार वलॉन डी.जी.पी. को दी गई लिखित अर्जी में कहा गया है कि लक्की ओबरॉय के कत्ल से बाद केस से जुड़े अहम गवाहों और पारिवारिक सदस्यों को निशाना बनाया जा रहा है। दोष है कि कुछ प्रभावशाली लोग मामले को कमजोर करने और दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि असली मुल्जिमों को बचाया जा सके।पारिवारिक सदस्यों मुताबिक, उन्हें देश और विदेश से धमकी भरे फोन कॉल आ रहे हैं, जिनमें केस को आगे न बढ़ाने और चुप रहने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
परिवार ने खदशा जताया है कि अगर समय रहते सुरक्षा मुहैया न करवाई गई तो किसी भी अनसुखावनी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। डी.जी.पी. को दी गई अर्जी में यह भी कहा गया है कि स्थानीय पुलिस की कार्रवाई से परिवार पूरी तरह संतुष्ट नहीं है और उन्हें खदशा है कि जांच प्रभावित की जा रही है। इसलिए परिवार ने मांग की है कि केस की निगरानी सीनियर स्तर के अधिकारियों वलॉन की जाए और परिवार को तुरंत पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
पारिवारिक सदस्यों ने यह भी मांग की है कि लक्की ओबरॉय मर्डर केस की जांच को और तेज किया जाए, सभी नामजद और शक्की मुल्जिमों की जल्द ग्रिफ्तारी की जाए और मामले से जुड़े कॉल डिटेल्स, विदेशी नंबर्स और डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच करवाई जाए। परिवार का कहना है कि उनका एको-एक मकसद लकी ओबरॉय के लिए इंसाफ है और इस लिए वे किसी भी स्तर तक जाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, वे चैन से नहीं बैठेंगे।



