एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) से संबंधित एक पुराने मामले में समन जारी किया है। यह समन ईडी के जालंधर कार्यालय द्वारा भेजा गया है।
जानकारी के मुताबिक कैप्टन अमरिंदर सिंह को 12 फरवरी 2026 को जालंधर स्थित ईडी कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। यह कार्रवाई चल रही जांच के तहत की गई है। सूत्रों के अनुसार कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी खराब सेहत का हवाला देते हुए पेशी के लिए कुछ और समय मांगा है। बताया जा रहा है कि इस वक्त वे मोहाली के एक निजी अस्पताल में घुटनों की समस्या का इलाज करवा रहे हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उनके द्वारा समय बढ़ाने के लिए अर्जी ईडी को भेजी जा चुकी है। अब एजेंसी मेडिकल दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद अगला फैसला लेगी।
कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले कांग्रेस सरकार के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। साल 2022 की विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने अपनी नई पार्टी ‘पंजाब लोक कांग्रेस’ बनाई थी, लेकिन चुनावों में पार्टी को उम्मीद के मुताबिक कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।
बताया जा रहा है कि यह जांच उनके पुत्र रणिंदर सिंह से जुड़े एक पुराने मामले से संबंधित है। रणिंदर सिंह पर विदेशों में फंड ट्रांसफर करने और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में ‘जैक्रांडा ट्रस्ट’ के नाम से संस्था बनाने को लेकर सवाल उठे थे। इस मामले में स्विट्जरलैंड से जुड़े कुछ वित्तीय लेन-देन की भी जांच हो चुकी है।
फिलहाल इस मामले में न तो कैप्टन अमरिंदर सिंह और न ही ईडी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। सूत्रों के मुताबिक ईडी कानूनी प्रक्रिया के तहत अगली कार्रवाई करेगी।
बता दें कि उनके पुत्र रणिंदर सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल लिखा है- ‘कानून की पालन करने वाले नागरिक होने के नाते, हम हर जांच एजेंसी को पूरा सहयोग देंगे। हमें कानून के शासन में पूरा विश्वास है और हमें भरोसा है कि सच्चाई और न्याय की जीत होगी।



