राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। इसके बाद राष्ट्रगान गाया गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन सणेत वहां मौजूद सभी गणमान्य लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी।राष्ट्रपति मुर्मू को स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गनों से 21 तोपों की सलामी दी गई, जिससे पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया।
इसके साथ ही भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, एकता एवं प्रगति और इसकी सैन्य शक्ति को प्रदर्शित किए जाने की शुरुआत हुई। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि है।कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह की थीम ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ है।
समारोह शुरू होने से पहले, राष्ट्रपति मुर्मू ‘पारंपरिक बग्गी’ में बैठकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। करीब 100 सांस्कृतिक कलाकारों की परेड की शुरुआत हुई, जिसका विषय ‘विविधता में एकता’ है। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय समर स्मारक जाकर शहीदों को कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके साथ ही देश में गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत हो गई। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान और तीनों रक्षा सेवाओं के प्रमुख भी मौजूद है।यह परेड पिछले वर्ष हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार आयोजित की जा रही है, जिसमें अत्याधुनिक रक्षा प्लेटफॉर्म और 29 विमानों की भव्य फ्लाईपास्ट विशेष आकर्षण है।
फ्लाईपास्ट में राफेल, सुखोई-30, पी-8आई, सी-295, मिग-29, अपाचे, एलसीएच, एएलएच, और एमआई-17 जैसे विमान अलग-अलग संरचनाओं में आसमान में करतब दिखाएंगे। गणतंत्र दिवस परेड में करीब 2,500 कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे, जो ‘वंदे मातरम’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को दर्शाएंगे।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के प्रतिभागी, कर्तव्य भवन के निर्माण कार्य में लगे श्रमिक, लखपति दीदी और लगभग 10,000 विशेष अतिथि भी परेड देखने पहुंचे है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन अतिथियों में रोजगार सृजन, नवाचार, अनुसंधान, स्टार्टअप, स्वयं सहायता समूहों और सरकारी योजनाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोग शामिल है।


