रोहतक की सुनारिया जेल में साध्वियों के यौन शोषण और एक पत्रकार की हत्या के मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर 40 दिनों की पैरोल मिल गई है। यह उनकी सजा के बाद 15वीं बार जेल से बाहर आने का मौका है। सोमवार (5 जनवरी 2026) को सुबह करीब 11:30 बजे पैरोल मिलने के बाद वह सिरसा स्थित डेरे के लिए रवाना हो गए।
सुनारिया जेल से उन्हें ले जाने के लिए सिरसा डेरे से लग्जरी गाड़ियों का काफिला पहुंचा था, जिसमें दो बुलेटप्रूफ लैंड क्रूजर, दो फॉर्च्यूनर और दो अन्य गाड़ियां शामिल थीं।जानकारी के अनुसार, इस बार राम रहीम उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित बरनावा आश्रम नहीं जाएंगे, बल्कि सिरसा में ही डेरे में रहेंगे। उनकी सुरक्षा के लिए डेरे के आसपास पुलिस कर्मी तैनात किए गए है।
इससे पहले वह 15 अगस्त को अपना जन्मदिन मनाने के लिए जेल से बाहर आए थे। 25 अगस्त 2017 को दो साध्वियों के यौन शोषण के मामले में उन्हें 20 साल की सजा हुई थी। इसके बाद 17 जनवरी 2019 को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में उम्रकैद और अक्टूबर 2021 में डेरा मैनेजर रणजीत सिंह की हत्या के मामले में भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी (हालांकि एक मामले में बाद में बरी कर दिया गया)।
सजा के बाद से अब तक राम रहीम कुल 405 दिनों से ज्यादा समय जेल से बाहर बिता चुके हैं, जो बार-बार पैरोल और फरलो मिलने की वजह से है। इस बार की पैरोल डेरे के दूसरे गुरु सतनाम सिंह की जयंती (25 जनवरी) से पहले दी गई है।यह खबर विभिन्न समाचार स्रोतों जैसे द हिंदू, टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडिया टीवी और अन्य से पुष्टि की गई है।


