नैशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में राउज ऐवन्यू कोर्ट ने ED की दाखिल चार्जशीट पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। इस फैसले से राहुल गांधी और सोनिया गांधी को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय चाहे तो जांच जारी रख सकती है।
ईडी ने अपनी चार्जशीट में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को नामजद किया था। ईडी की जांच पर कांग्रेस की दलील थी कि यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई है,
जबकि ईडी का दावा है कि यह एक गंभीर आर्थिक अपराध है जिसमें फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले है।ED का आरोप है कि कांग्रेस नेताओं ने साजिश के तहत एसोसिएटेड जर्नल्स लि. (AJL) की 2,000 करोड़ रुपए की संपत्तियों पर कब्जे के लिए उसका अधिग्रहण प्राइवेट कंपनी ‘यंग इंडियन’ के जरिए सिर्फ 50 लाख रुपए में किया था।
इस कंपनी के 76% शेयर सोनिया और राहुल के पास है।जिस नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है, वो नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़ा है।
इसकी शुरुआत 1938 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 5 हजार स्वतंत्रता सेनानियों के साथ मिलकर की थी। इस अखबार का प्रकाशन AJL करता था। 2008 में यह अखबार बंद हो गया था। फिर इसके अधिग्रहण पर विवाद और घोटाले की खबरें सामने आने लगी थी।


