NRI SANJH JALANDHAR (5 JULY)
पंजाब के अमृतसर में शनिवार को दिनदहाड़े एक 28 वर्षीय युवक जुगराज सिंह उर्फ तोता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मरने वाला युवक पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला को मारने वाले शूटर जगरूप सिंह उर्फ रूपा का भाई था। हमलावरों ने खुलेआम वारदात को अंजाम दिया, जो पास के सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्ड हो गई।
पुलिस के अनुसार, थाना मेहता के अंतर्गत गांव चन्ननके में 3 अज्ञात युवकों ने जुगराज सिंह पर फायरिंग की है। तीनों बदमाश बाइक पर सवार होकर आए थे। उन्होंने बेहद नजदीक से जुगराज सिंह पर फायरिंग की थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस वारदात की जिम्मेदारी एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बंबीहा गैंग ने ली है। हत्या का कारण जग्गू भगवानपुरिया का साथ देना बताया है। आगे इसमें चेतावनी भी लिखी है, ‘जो भौंक रहे हैं, वे भी तैयार रहें। हमारा ध्यान सभी पर है।’ हालांकि, इस पोस्ट की पुष्टि दैनिक भास्कर नहीं करता है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

सोशल मीडिया पोस्ट में ये 2 बातें लिखीं…
बंबीहा गैंग ने जिम्मेदारी ली: हत्या के बाद जारी की गई पोस्ट में लिखा गया है- मेरे सभी भाइयों को सत श्री आकल। यह जो चन्ननके गांव में जुगराज सिंह उर्फ तोता का कत्ल हुआ है, इसकी जिम्मेदारी मैं डोनी बल, मोहब्बत रंधावा और कौशल चौधरी लेते हैं।
गोरे बरियाड़ की रेकी कराई: पोस्ट में आगे लिखा है- इसने (जुगराज सिंह ने) जग्गू भगवानपुरिया के कहने पर हमारे भाई गोरे बरियाड़ के कत्ल में रेकी करवाई थी और जग्गू के कहने पर हमारे भाइयों के खिलाफ प्रधानगी करवाई। बाकी जो भौंक रहे हैं, वे भी तैयार रहें। हमारा ध्यान सभी पर है। वेट एंड वॉच…
पुलिस बोली- आपसी रंजिश का मामला
इस मामले में मेहता थाने के ASI बलकार सिंह का कहना है कि मामला आपसी रंजिश का लग रहा है। जुगराज सिंह भी एक गैंगस्टर ही था। सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर सभी एंगल से जांच की जा रही है। तीनों हमलावरों की तलाश में नाकेबंदी कर दी गई है और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कौन था जुगराज का भाई जगरूप सिंह
जगरूप सिंह उर्फ ‘रूपा’ पंजाब के कुख्यात गैंगस्टरों में से एक था, जो पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद सुर्खियों में आया था। उसने शूटर के तौर पर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भूमिका निभाई। उसका संबंध गैंगस्टर लॉरेंस और गोल्डी बराड़ गैंग से था, जो पंजाब और हरियाणा में संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
रूपा अमृतसर जिले का रहने वाला था और उसका जुड़ाव शुरुआती दौर में ही गलत संगत, ड्रग्स और छोटे अपराधों से हो गया था। बताया जाता है कि परिवार ने उसे ड्रग्स की लत और खराब आदतों के चलते 2017 में घर से निकाल दिया था। इसके बाद उसने संगठित गिरोहों से संबंध बना लिए और हथियारों के साथ आपराधिक घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया।



