NRI SANJH JALANDHAR (6 March)
हरियाणा की सीमाओं पर बैठे किसानों को आज 23 दिन हो गए हैं। पंजाब-हरियाणा के हजारों किसान शंभू और खनौरी बॉर्डर पर ही रहेंगे। इस बीच संयुक्त किसान मोर्चा और किसान-मजदूर मोर्चा के आह्वान पर आज देशभर से किसान पैदल, बसों और ट्रेनों से दिल्ली की ओर मार्च करेंगे। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल की अगुवाई वाले संगठनों ने देशभर के किसानों से दिल्ली पहुंचने की अपील की थी जिसके बाद आज किसान दिल्ली कूच करेंगे।
10 को ट्रेन रोकेंगे व 14 मार्च को महापंचायत
बता दें कि किसान संगठन आज दिल्ली में जंतर-मंतर पर पहुंचेंगे इसके लिए किसान ट्रेन और बसों का इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं 10 मार्च को किसान संगठन 4 घंटे तक ट्रेन रोकेंगे जबकि 14 मार्च को दिल्ली में महापंचायत बुलाई गई है। किसान संगठन अभी भी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। उनका आरोप है कि सरकार उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
हरियाणा की सीमा खनौरी और शंभू पर बैठे किसान दिल्ली नहीं जाएंगे। देशभर से किसान दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटेंगे। युवा किसान शुभकरण की अंतिम प्रार्थना के अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा और किसान-मजदूर मोर्चा ने घोषणा की थी कि केंद्र सरकार हमें ट्रैकर ट्रॉलियों के माध्यम से दिल्ली जाने की अनुमति नहीं दे रही है। इसलिए दूसरे राज्यों से किसान ट्रेन और बस से दिल्ली की ओर पलायन करेंगे। अब देखना यह है कि केंद्र सरकार भी इन पर रोक लगाती है?
हिसार-अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे खोला
उधर, किसानों के बॉर्डर पर ही धरना देने के ऐलान के बाद मंगलवार को हिसार-अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे (152) भी खोल दिया गया है। इससे पहले सोमवार को प्रशासन ने अंबाला में माधोपुर के पास चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे (नेशनल हाईवे-44) खोल दिया था।
हाईवे के दोनों ओर एक-एक लेन खोल दी गई है। प्रशासन के इस फैसले के बाद वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली, क्योंकि अंबाला से चंडीगढ़, चंडीगढ़ से हिसार या चंडीगढ़ से दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों को रूट बदलना पड़ा।


